अमावस्या तिथि रात भर, दीपावली 20 को 

प्रदेश टुडे संवाददाता, भोपाल: इस बार दीपावली 20 या 21  में से कब मनायी जाएगी इस बात को लेकर अब चल रहा भम्र दूर हो गया है। पिछले साल की तरह  इस साल भी कार्तिक मास की अमावस्या तिथि दो दिन रहेगी, जिससे दीपावली की सही तिथि को लेकर संशय बना हुआ था। लेकिन वरिष्ठ ज्योतिषाचार्यों ने स्पष्ट किया है कि दीपावली 20 अक्टूबर सोमवार को ही मनाई जाएगी। उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर मेंं भी दीपावली इसी दिन मनाई जाएगी। पंडितों का कहना है कि  20 तारीख को अमावस्या प्रदोष और निशीथ काल में होने के कारण इसी दिन लक्ष्म पूजन करना शुभ माना गया है। 

क्या क्या कर सकते हैं 21 को :

 कहा जा रहा है कि  21 अक्टूबर को अमावस्या सूर्यास्त से पहले समाप्त हो जाएगी  और शाम तक प्रतिपदा तिथि शुरू हो जाएगी। 21 तारीख को अमावस्या न तो प्रदोषकाल में रहेगी, न रात्रि में। दीपावली पूजन अमावस्या की रात को ही होता है, इसलिए 21 को नहीं मनाई जाएगी। लेकिन 21 को दान धर्म किया जा सकता है।  सूर्यास्त से लगभग 1.5-2 घंटे पहले और बाद का शुभ समय प्रदोष काल कहलाता है। वहीं, निशीथ काल आधी रात का समय होता है,  लगभग रात 12 बजे से 1.30 बजे तक।  लक्ष्मी पूजन के लिए विशेष और शुभ माना जाता है 

 25 साल में 11 बार अक्टूबर में दिवाली

 ज्योतिषियों के अनुसार पिछले 25 सालों में यह तीसरी बार होगा, जब सोमवार 20 अक्टूबर को दीपावली मनाई जाएगी। इसके अलावा, पिछले 25 साल में अक्टूबर में 11 बार दीपावली मनी, जबकि इतने सालों में नवंबर में 13 बार दीपावली मनाई जा चुकी है।  ज्योतिष के अनुसार, लक्ष्मी-गणेश की पूजा स्थिर लग्न में करनी चाहिए, जिससे घर में लक्ष्मी का स्थाई वास होता है। यह शुभ मुहूर्त 20 अक्टूबर को ही मिलेगा। इस बात का ध्यान रखना चाहिए।