पाकिस्तान ने किए काबुल पर हवाई हमले: सीमा पार तनाव में बड़ा उछाल

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल गुरुवार देर रात दो शक्तिशाली विस्फोटों और उसके बाद हुई गोलीबारी से दहल उठी। स्थानीय समय अनुसार रात 12 बजे काबुल के पूर्वी इलाके में लड़ाकू विमानों की गर्जना सुनाई दी, जिसके बाद धमाके और गोलीबारी की खबरें आईं। चश्मदीदों ने शहर के ऊपर लड़ाकू विमान उड़ने की पुष्टि की। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान और तालिबान नियंत्रित अफगानिस्तान के बीच सीमा-पार तनाव चरम पर है।

यह हमला काबुल के डिस्ट्रिक्ट 8 के आसपास सरकारी कार्यालयों और आवासीय क्षेत्र में हुआ। हालांकि इस घटना की जिम्मेदारी अभी किसी ने नहीं ली है।

टीटीपी नेता को निशाना बनाने की आशंका

शीर्ष खुफिया सूत्रों के मुताबिक, यह घटना पाकिस्तान तालिबान (टीटीपी) के प्रमुख नूर वली महसूद को निशाना बनाकर किए गए हवाई हमले का नतीजा थी। काबुल का पूर्वी हिस्सा टीटीपी और अल-कायदा जैसे समूहों के सुरक्षित ठिकाने के रूप में जाना जाता है। महमूद पाकिस्तान का नागरिक है और उस पर कई हमलों का आरोप है।

 अफगान अधिकारियों ने शहर के ऊपर असामान्य हवाई गतिविधि की पुष्टि की है। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने एक पोस्ट में कहा, “काबुल शहर में विस्फोट की आवाज सुनी गई है। हालांकि किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है, सब कुछ ठीक है। घटना की जांच चल रही है और अब तक किसी नुकसान की रिपोर्ट नहीं मिली है।”

पाकिस्तान की ओर से चेतावनी और सैन्य कार्रवाई

यह घटना पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की कड़ी चेतावनी के 48 घंटे के भीतर हुई है। आसिफ ने संसद में सार्वजनिक रूप से अफगानिस्तान पर आतंकवादियों को शरण देने का आरोप लगाया था और कहा था कि “अब बहुत हो गया, अफगान जमीन से आतंकवाद बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर अफगानिस्तान का उपयोग पाकिस्तान विरोधी गतिविधियों के लिए किया गया, तो कड़ा कार्रवाई की जाएगी।

 हाल ही में, पाकिस्तान के ओरकजई में टीटीपी के एक हमले में एक मेजर और एक लेफ्टिनेंट कर्नल सहित पाकिस्तानी सेना के 11 सुरक्षाकर्मी मारे गए थे। इस हमले के तुरंत बाद काबुल में यह जवाबी कार्रवाई हुई है। हालांकि पाकिस्तान की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

क्षेत्रीय तनाव में बड़ी वृद्धि की आशंका

सुरक्षा विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि यदि यह हमला पाकिस्तान द्वारा किया गया है, तो यह पाकिस्तान और तालिबान नियंत्रित अफगान क्षेत्रों के बीच सीमा-पार संघर्ष का नया चरण होगा। यह पहली बार है जब पाकिस्तान ने सीधे काबुल के अंदर हवाई हमले किए हैं, जिससे क्षेत्रीय तनाव का एक नया और गंभीर अध्याय शुरू हो गया है।

2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद यह पहली बार है जब पाकिस्तान ने काबुल के अंदर सीधे हमला किया है। तालिबान की सीमित वायु रक्षा क्षमता और पूर्व अफगान वायुसेना की अनुपस्थिति को देखते हुए, यह हमला अफगान संप्रभुता का खुला उल्लंघन माना जा रहा है।

टीटीपी प्रमुख के ठिकाने पर निशाना

कुछ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हमले में लक्षित ठिकाने को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया, और नूर वली महसूद के बेटे की मौत हो गई। हालांकि, एक रिपोर्ट के अनुसार, नूर वली महसूद ने दावा किया कि वह सुरक्षित हैं और पाकिस्तान में मौजूद हैं।

 विश्लेषकों का मानना है कि नूर वली महसूद के परिवार पर कथित हमले से टीटीपी की शूरा (काउंसिल) के भीतर एक बड़ा आंतरिक संकट पैदा हो सकता है, जो पहले से ही अलग-अलग गुटों में बंटी हुई है। इस अस्थिरता से सीमावर्ती इलाकों में संघर्ष बढ़ने की आशंका है।

भारत दौरे पर अफगान विदेश मंत्री

इस घटना का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह तब हुई जब अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी भारत की आठ दिवसीय यात्रा पर हैं। 2021 में तालिबान के शासन संभालने के बाद यह उनका पहला ऐतिहासिक दौरा है।

मुत्ताकी आज 10 अक्टूबर को विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से अलग-अलग मुलाकात करेंगे। भारत ने अब तक तालिबान शासन को मान्यता नहीं दी है, और यह दौरा क्षेत्रीय सुरक्षा और मानवीय सहायता के संदर्भ में काफी अहम माना जा रहा है। तालिबान विदेश मंत्री के भारत दौरे पर इस तरह का हमला होना, एक इत्तेफाक नहीं माना जा रहा है।