प्रदेश टुडे संवाददाता. विदिशा: शहर में हर दिन शाम होते ही कुछ ऐसे क्षैत्र हैं जहां पर नशे का काला कारौबार शुरू हो जाता हैं और लोग टेंशन फ्री होकर नशा का लुप्त उठाते हैं। इन लोगों को डर नही होता कि कोई देख लेगा। या कही कोई शिकायत होगी। चौकाने वाली बात तो यह हैं यह सबसे सुरक्षित क्षैत्र जहां नगर नही जिले के मुखियों का निवास स्थान हैं।
उसी मार्ग पर एसएटीआई कालेज का मुख्य प्रवेश द्वारा जहां से भावी इंजीनियरों का सैकड़ा की तादात में दिन और रात के समय आना जाना होता हैं। और इसी रास्ते पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्त्तमान कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के निवास का रास्ता हैं। वही पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की मूर्ति स्थपित हैं। ऐसे सुरक्षित स्थान पर बने सरकारी र्क्वाटर जो छत्रिग्रस्त हालत में खड़े है इनमें शाम ढलते ही शराब और इंजेक्शन से नशे करने का खेल शुरू हो जाता हैं। जिन्हें कोई रोकने और टोकने बाला दिखाई नही देता हैं। जबकि इसी रास्ते से देर रात तक कालेज के विधार्थी निकलते हैं जिनमें छात्राएं भी शामिल रहती हैं। ऐसे में हमेंशा विधार्थियों के साथ खतरा बना रहता हैं। पास ही कुछ सरकारी क्वार्टर भी हैं लेकिन इन र्क्वाटरों मेें निवास करने वाले लोगो ने कभी शिकायत करने की हिम्मत नही जुटाई। उसी का परिणाम हैं कि नशेड़ियों के लिए यह स्थान सुरक्षित हैं और होसले बुलेद हैं जहां खाली पड़ें क्वार्टरों में आराम से इंजेक्शन के अलावा वहां बैठकर आराम से प्रतिदिन शराब का सेवन किया जाता हैं।
इधर सूत्रोंं की माने तो इस स्थान पर अवैध रूप से नशेली पदार्थो के सेवन साथ बिक्री भी होती हैं। ऐसे में सरकारी मंचों के आयोजनो के दौरान मंचों से शपथ दिलाने का क्या औचित्य हैं जग शहर के सुरक्षित स्थान पर नशें की अवैध गतिविधियां संचालित हो रही हैं।
हजारों की संंख्या में पड़ें हैं इंजेक्शन
वीटीआई आफिस के पास स्थित क्वार्टरों के अदर हजारों की संख्या में उपयोग किए गए नशें के इंंजेक्शन पड़ें हुए अंदर क्वार्टर खाली होने कारण इन्हें कोई रोंकने और टोकने बाला नही हैं। खुले आम इस स्थान पर अवैध रूप से नशे का खेल चल रहा हैं। शाम होते ही यहां पर नशेड़ियोें का जमाबड़ा लग जाता हैं इन्हें कोई रोकने और मना करने बाला नही हैं। पास रहने वाले प्रमोद ने बताया कि शाम के समय यहां से निकलने में डर लगता हैं कारण साफ हैं कही कोई नशेड़ी किसी प्रकार की हरकत ना कर दें। उन्होंने की सरकारी क्वार्टर खाली पड़े हें उनके सामान को चोर चुरा कर ले गए सुने पड़े मकान में मौके का फायदा उठाकर शाम के समय बदमाश आते हैं ओर अपने साथियों के साथ देर रात तक यहां बैठकर शराब तथा अन्य प्रकार के नशा करते हैं। कई बार तो रास्ते में आकर लड़ाई होती हैं। और राह चलते लोगो के परेशानियों में डाल देते हैं।
डाईट से लगकर बने सरकारी क्वार्टरों के हालत किसी से छुपें नही हैं क्षतिग्रस्त क्वार्टर इन दिनों आवारा लोगों की पनागार बनी हुई हैं। दिन और रात में इन क्वार्टरों में अनेकित कृत्य होते हैं। सबसे अहम बात हैं कि पूर्व दिशा में सरकारी क्वार्टेरों के नजदीक डाईट भवन संचालित होता हैं इसी मार्ग से इंजीनियरिंग कालेज के विधार्थी जाते हैं तो महज 500 मीट र की दूरी पर कलेक्टर के अलावा जिले के जिम्मेदार अफसरों के निवास स्थान बने हुए हैं। ऐसे में दिन हो या रात खुले आम नशें करने का खेल खेला जा रहा हो तो इससे शर्मानाक क्या होगा। ऐसे सरकारी क्वार्टरों को आखिर क्यों जमींदोज नही किया जा रहा हैं। यदि इस पर ध्यान नही दिया जा रहा हें तो ऐसा प्रतीत होता हैं कि प्रशासन को किसी गंभीर दुर्घटना का इंतजार हैं तब जाकर कारवाई शुरू होगी।
दरवाजे टूटे, अंदरअवैध करौबार
सरकारी क्वार्टरों के दरवाजे को क्षतिग्रस्त भवनों में लगे हुए थे उन्हें तोंंड़कर प्रतिदिन लोग अंदर चले जाते हैं ऐसे में कभी भी कोई अनहोनी से इेकार नही किया जा सकता हैं। सूत्रों की मोन तो कई बार पुलिस को शिकायत की जाती हैं लेकिन कभी कोई मौके पर नही पहुचता। रात का अंधेरा होते हैं यह सूने मकानो में गांजे, शराब और ब्राउन सुगर के अलावा इंजेक्शन से नशा कराने की गतिविधियों की संरक्षित जगह बन जाती हैं। यहां पर रात ढलते ही असामाजिक तत्वों का जमावाड़ा लगने लगता है।