भोपाल: राजधानी में साइबर अपराध के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। आरोपी लोगों को झूठे केसों में फंसाने का झांसा देकर लाखों रुपयों की ठगी कर रहे हैं। वहीं, पुलिस द्वारा कई बार डिजिटल अरेस्ट में फंसे व्यक्ति को बचा तो लिया जाता है लेकिन तब तक लाखों रुपये गवां चुका होते हैं। पुलिस द्वारा लगातार जागरुकता अभियान के बावजूद ऐसी घटनाएं कम नहीं हो रही है। क्राइम ब्रांच के अनुसार ठग अब रिटायर्ड वर्ग को अपने झांसे में फंसाकर ठग रहे हैं। बताया जा रहा है कि बीते डेढ़ साल में भोपाल में ऐसे करीब 72 मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें ठगों ने करीब 3.28 करोड़ रुपए हड़प लिए हैं। पुलिस के मुताबिक अधिकतर मामलों में पीड़ित पढ़े-लिखे और रिटायर्ड अधिकारीकर्मचारी हैं। प्रतिष्ठा और कानूनी कार्रवाई के डर में वे ठगों की बातों में आकर रकम ट्रांसफर कर देते हैं। साइबर सेल के अनुसार, वर्ष 2024 में 53 मामलों में 1.82 करोड़ रुपए, जबकि 2025 में सितंबर तक 19 पीड़ितों से 1.46 करोड़ रुपए की ठगी हो चुकी है। भोपाल पुलिस कमिश्नरेट ने सायबर सुरक्षा जागरूकता अभियान सेफ लिक चलाया था। जिसमें विभिन्न थाना क्षेत्रों में जनसंवाद, रैली और पपलेट वितरण के माध्यम से आमजन को फर्जी ट्रेडिंग, नेट बैंकिंग फ्रॉड जैसे अपराधों से बचाव के बारे में अवेयर किया गया था।