साइंस हाउस का चाइना कनेक्शन खंगाल रही एजेंसियां, करोड़ों के हेरफेर के आरोप

प्रदेश टुडे संवाददाता, भोपाल: प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में जांच सुविधाएं देने के लिए अनुबंधित साइंस हाउस मेडिकल्स पर कई गंभीर आरोप लगे हैं। कंपनी द्वारा मेडिकल इक्विपमेंट्स की सप्लाई की जाती है। डायग्नोस्टिक सर्विस भी दी जाती है। यहां पैथालॉजी लैब और निजी अस्पताल की भी सेवा मिलती है। कंपनी पर अस्पतालों में मरीजों की जांच ऊंची दरों पर करने और फर्जी मरीजों के नाम पर करोड़ों रुपए घपला करने के आरोप लगे हैं।

करीब 4 सप्ताह पहले भोपाल स्थित साइंस हाउस के ठिकानों पर आयकर विभाग ने छापेमार कार्रवाई की थी। इस दौरान भोपाल समेत कंपनी के अन्य आॅफिसेस पर छापेमारी की गई। साइंस हाउस पर करोड़ों रुपए के टैक्स चोरी की सूचना पर यह कार्रवाई हुई थी। विभागीय सूत्रों का दावा है कि साइंस हाउस के कर्ताधर्ता एवं संचालक जितेंद्र तिवारी हैं और उनके सहयोगियों के रूप में सॉμटवेयर इंजीनियर रोहित गुप्ता, कंसल्टेंट दिनेश बारोलिया, शिखा राजोरिया के नाम पर करोड़ों रुपए की टैक्स चोरी करने के सबूत हाल ही में छापेमारी के दौरान मिले थे। साइंस हाउस ग्रुप के संचालक जितेंद्र तिवारी को ईओडब्ल्यू अरेस्ट कर चुकी है। तिवारी की यह गिरμतारी ईओडब्ल्यू की टीम ने दिल्ली में तब की थी, जब वह दो महीने तक चाइना में रुकने के बाद देश वापस लौटा था। केंद्रीय एजेसियां जितेंद्र तिवारी के चाइना कनेक्शन की सूक्ष्मता से जांच-पड़ताल कर रही है, ताकि यह खुलासा हो सके कि वह इतने लंबे समय तक यानी 60 दिन से ज्यादा चाइना में क्यों रहा। इस संबंध में जांच एजेसियों की पड़ताल जारी है

सवा साल पहले अनूपपुर में भी पकड़ा गया था जितेंद्र तिवार

बताया जा रहा हैकि प्रदेश के अनूपपुर जिले में मनमानी कीमत पर दवाओं और मेडिकल उपकरणों की सप्लाई कर राज्य सरकार को करोड़ों की चपत लगाने के मामले में जितेंद्र तिवारी को गिरμतार करने की कार्यवाही सवा साल पहले जून, 2024 में की गई थी। दवाओं और उपकरणों के मामले में आर्थिक अनियमितता पाए जाने पर साइंस हाउस के डायरेक्टर जितेंद्र तिवारी और उसके भाई शैलेंद्र तिवारी के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद दिल्ली पहुंचते ही सीआईएसएफ ने इनकी गिरμतारी की थी।

मेडिकल सर्जिकल कारोबारी के यहां भी हुई थी कार्रवाई

साइंस हाउस के मुख्य मास्टरमाइंड जितेंद्र तिवारी से संपर्क होने के कारण आयकर विभाग की टीम मेडिकल सर्जिकल उपकरणों के कारोबारी राजेश गुप्ता के यहां भी पहुंची थी। शहर के लालघाटी स्थित पंचवटी में 64 बी नंबर के उनके घर के बाहर बड़े पैमाने पर पुलिसकर्मी तैनात करके सबूत जुटाए गए थे। बताया जा रहा है कि साइंस हाउस ग्रुप के संचालक जितेंद्र तिवारी ने कई अन्य कंपनियां भी बना रखी हैं। इसमें साइंस हाउस मेडिकल प्राइवेट लिमिटेड, पीओसीएल साइंस हाउस प्राइवेट लिमिटेड, रेडसेल टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड, जीवाणुडे फाउंडेशन और बायो साइंस हेल्थ केयर के नाम हैं। इनकी भी पड़ताल की जा रही है।