सरकारी योजना के अंतर्गत बैंक से लोन लेकर अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना कितना मुश्किल है, इसका एक उदाहरण मंगलवार को हुई जनसुनवाई के दौरान सामने आया। लगभग एक दर्जन ग्रामीण महिलाओं और पुरुषों ने बकरी पालन के लिए लोन के लिए आवेदन जमा किए, लेकिन उन्हें लोन नहीं मिला। जब ग्रामीण इसकी शिकायत करने विदिशा आए, तो जनसुनवाई कक्ष में भी बैंक अधिकारी के व्यवहार से उन्हें अभूतपूर्व सामना करना पड़ा। अधिकारी ने महिलाओं से बैंक लूटने तक की बात कह दी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, आप खुद देखिए कि सरकारी पशुपालन योजना के तहत ग्रामीण किस तरह व्यवस्था में फँस रहे हैं। सरकार जनहित के लिए योजनाएँ तो बनाती है, लेकिन उन्हें ज़मीनी स्तर पर लागू करवाना मुश्किल काम है। दरअसल, कागपुर गाँव के ग्रामीणों ने पशुपालन योजना के तहत बकरी पालन के लिए केवल 78,000 रुपये के लोन के लिए आवेदन किया था। आवेदकों के लोन के मामले बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा, विदिशा और यूको बैंक, देवखजूरी में लंबित हैं।
बैंक द्वारा लोन देने से इनकार करने के बाद, ग्रामीणों ने… जनसुनवाई में कलेक्टर के नाम एक सामूहिक आवेदन अपर कलेक्टर अनिल डामोर को दिया गया। इसमें उन्होंने बताया कि जब वे बैंक में जाकर लोन के लिए गुहार लगाते हैं तो उनकी बात नहीं सुनी जाती और फॉर्म पर ‘लोन रिजेक्ट’ लिखने की धमकी दी जाती है।
अगर लोन नहीं देंगे तो योजना क्यों बनाते हैं?
सिस्टम के रवैये से तंग आकर जनसुनवाई कक्ष से बाहर निकले कागपुर के ग्रामीण, जिन्होंने पशुपालन योजना के तहत बकरी पालन के लिए फॉर्म जमा किए थे, जिनमें कागपुर निवासी बबलू वंशकार, चतरो बाई केवट, गुड्डी बाई, केशर बाई, खुशबू बाई, संगीता बाई, वर्षा बाई और पिंकी बाई शामिल हैं, ने बताया कि उन सभी ने विदिशा स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा और देवखजूरी स्थित यूको बैंक में बकरी पालन के लिए आवेदन जमा किए हैं। योजना के तहत 10 बकरियों के लिए 78,000 रुपये का लोन स्वीकृत होना है।
बैंक अधिकारियों से परेशान होकर हम जनसुनवाई में आए थे। कलेक्टर से मिलने से पहले ही बैंक अधिकारी ने हमारा शिकायती आवेदन लेने की कोशिश की। हमें कमरे में बुलाया, लेकिन हमने उसे देने से इनकार कर दिया। आवेदन अपर कलेक्टर अनिल डामोर को दिया गया। उन्होंने जनसुनवाई कक्ष में मौजूद बैंक अधिकारी को बुलाया और सभी के मामलों को निपटाने का निर्देश देकर हमें अपने साथ भेज दिया। बैंक अधिकारी ने जनसुनवाई कक्ष में मौजूद सभी महिलाओं के सामने कहा, “बैंकों को लूटो…” बबलू वंसकार समेत सभी महिलाएं व्यवस्था के रवैये से इतनी परेशान थीं कि कमरे से बाहर आकर बोलीं, “अगर सरकार लोन ही नहीं देगी, तो योजना क्यों बनाती है?”