Official Employees Of MP Government Will Get Promotion By 31st July: मध्य प्रदेश में अब 31 जुलाई तक मिलेगा उन सरकारी कर्मचारियों को प्रमोशन जिनका ओहदा 9 साल से नहीं बढ़ा। इसके लिए सरकार नए नियम लागू करेगी। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने गुरुवार को उच्चस्तरीय बैठक में 35 दिन की डेडलाइन तय की।
मध्य प्रदेश राज्य में जिन शासकीय कर्मचारियों का पद 9 साल से नहीं बढ़ा उन्हें 35 दिनों के अंदर पदोन्नति मिलेगी। सीएस अनुराग जैन ने गुरुवार को उच्चस्तरीय बैठक में ये डेडलाइन बताई। उन्होंने ने हर कर्मचारी का कैरेक्टर सर्टिफिकेट 1 हफ्ते के अंदर लिखने को कहा। 9 साल से कर्मचारी कर रहे हैं अपने पदोन्नति का इंतेज़ार। इसके लिए विभागीय बैठक कर 31 जुलाई तक किसी भी तरह कर्मचारियों को पदोन्नति देने के निर्देश दिए गए हैं।
अतिरिक्त सचिव के होंगे अब 4 पद
बैठक के दौरान गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) और अजाक्स के प्रदेश अध्यक्ष जेएन कंसोटिया ने कई सवाल उठाए। उन्होंने यह जानना चाहा कि पदोन्नति में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के अधिकारियों और कर्मचारियों को 16 और 20 प्रतिशत से अधिक आरक्षण आखिर क्यों नहीं दिया जा सकता।
उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रालय की सेवा में अतिरिक्त सचिव के केवल तीन पद हैं। ऐसी स्थिति में एससी वर्ग के किसी अधिकारी का उप सचिव बन पाना संभव नहीं होगा, क्योंकि दो पद अनारक्षित रहेंगे और एक पद एसटी वर्ग से भरा जाएगा। उन्होंने चौथे पद की मांग की। इस पर मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि अब तक जो भी निर्णय लिए गए हैं, वे सभी निर्धारित नियमों के अंतर्गत ही हुए हैं।
पदोन्नति नियमों के मुख्य बिंदु
आरक्षित वर्ग (SC/ST) की पद गणना करेगी सरकार। सेवा में उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए पदों की गणना होगी। विभागीय पदोन्नति समिति बनाई जाएगी। पदोन्नति के लिए अर्हकारी सेवा और वार्षिक प्रतिवेदन का मूल्यांकन किया जाएगा।
पदोन्नति व वेतन निर्धारण होगा।योग्यता और वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति होगी, वेतन पुनर्निर्धारित किया जाएगा। विवादित मामलों को सीलबंद लिफाफे में रखा जाएगा, रिक्त पद प्रतीक्षा सूची से भरे जाएंगे।