National Defence University in Bhopal: राज्य सरकार प्रदेश के गांवों का संतुलित विकास करने प्रदेश के सभी 313 विकासखंडों में वृंदावन ग्राम विकसित करेगी। इसके लिए सौ करोड़ के बजट का प्रावधान किया जाएगा। वहीं भोपाल में राष्टÑीय रक्षा विश्वविद्यालय आरआरयू परिसर की स्थापना की जाएगी। इसके लिए डेढ़ करोड़ का बजट आवंटित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में इन प्रस्तावों पर चर्चा की गई। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग वृंदावन ग्राम योजना शुरु करेगा। इसके तहत प्रत्येक जिले के एक ऐसे गांव का चयन किया जाएगा जिसकी जनसंख्या वर्तमान में न्यूनतम दो हजार हो और यहां गौवंश की संख्या न्यूनतम पांच सौ हो। गांव को मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम के रुप में विकसित कर आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। इसमें पहले चरण में प्रत्येक विकासखंड में एक-एक वृंदावन ग्राम विकसित किए जाएंगे। ऐसे गांव आत्मनिर्भर होकर प्रदेश के अन्य गांवों के समक्ष विकास का आदर्श प्रस्तुत करेंगे। योजना में गांव का चयन कलेक्टर की अध्यक्षता वाली समिति करेगी। प्रत्येक घर में सौर उर्जा की व्यवस्था की जाएगी।
राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी के लिए डेढ़ करोड़
भोपाल में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए तीन वर्षों के लिए डेढ़ करोड़ रुपए दिए जाने के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। इसके लिए राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय भोपाल परिसर में उपलब्ध दस एकड़ भूमि विभाग को विभाग स्तर से हस्तांतरित की जाएगी। भोपाल में रक्षा विश्वविद्यालय के स्थायी भवन का निर्माण पूर्ण होेंने तक राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विवि में उपलब्ध भवन को अस्थायी रुप से राष्टÑीय रक्षा विवि के संचापलन हेतु उपलब्ध कराया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रस्ताव के तहत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं अन्य योजनाओं के अंतर्गत वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक 1766 क्षतिग्रस्त पुलों के पुनर्निमाण पर चर्चा की गई। इस पर 4 हजार 572 करोड़ रुपए का खर्च जाएगा।
नए कानूनों के क्रियान्वयन के लिए वैज्ञानिकों के 1266 पदों का सृजन
नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मध्यप्रदेश मेें न्यायिक विज्ञान प्रयोगशालाओं में वैज्ञानिक अधिकारियों को शामिल करते हुए 1266 पदों की स्वीकृति देने के प्रस्ताव परभी चर्चा की गई। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 176(3) सात वर्ष या उससे अधिक सजा वाले समस्त अपराधों में फोरेंसिक विशेषज्ञ के अनिवार्य तथा आवश्यक भ्रमण हेतु कुल 1266 नवीन पदों के सृजन पर चर्चा की गई। उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश के आईटी डोमेन के सीनियर सिस्टम एनालिस्ट के दो पदों में से एक पद पर डिजिल रिपोसिट्री मैनेजर एवं एक पद डिजिटल आरचिविस्ट में से परिवर्तित किए जाने , एक पद सीनियर प्रिंसीपल सिस्टम एनालिस्ट का समर्पित करते हुए चीफ इंफरमेशन आॅफिसर का पद सृजन किए जाने एवं अन्य सत्रह पदों के सृजन के प्रस्ताव पर चर्चा के बाद मध्यप्रदेश न्यायालय के आईटी डोमेन के छह पदों के सृजन के लिए विधि विभाग के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई।
नए जिलों में भी नए पदों के सृजन पर चर्चा
नवगठित जिलों मऊगंज, मैहर एवं पांढुर्ना के लिए जिला जनजातीय कार्यालय की स्थापना एवं संचालन हेतु अधिकारियों-कर्मचारियों के पदों का सृजन करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। इस प्रस्ताव के तहत जिला संयोजक जनजातीय तथा अनुसूचित जाति जिला कार्यालयों की स्थापना के लिए मऊंंगंज में 16, मैहर में 18 और पांर्ढुना में 14 इस तरह कुल 48 पदों और 381 लाख 30 हजार रुपए वार्षिक वित्तीय व्यय को स्वीकृति देने चर्चा की गई।