“इंडिया गठबंधन के बाहर से भी मिल रहा है समर्थन” – सुदर्शन रेड्डी

लखनऊ। संयुक्त विपक्ष के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी ने मंगलवार (26 अगस्त 2025) को कहा कि वे आभारी हैं कि इंडिया गठबंधन के बाहर के लोग भी उनका समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने राजनीतिक दलों के नेताओं से अपील की कि वे पार्टी सीमाओं से ऊपर उठकर उनके उम्मीदवारत्व को “योग्यता और सिद्धांत” के आधार पर परखें।

रेड्डी ने कहा, “आप जानते हैं कि विपक्ष ने मुझ पर भरोसा जताया है और मुझे उम्मीदवार बनाया है। मैं गहराई से आभारी हूँ कि न केवल इंडिया गठबंधन बल्कि बाहर के लोग भी सहयोग कर रहे हैं। लेकिन मेरे मित्र अखिलेश यादव के बिना यह संभव नहीं होता।”

उन्होंने बताया कि हाल ही में उन्होंने दिल्ली में आप नेता अरविंद केजरीवाल और चेन्नई में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन से मुलाकात की।

गृहमंत्री अमित शाह के उस आरोप पर कि वे माओवादी समर्थक हैं, रेड्डी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे इस बहस को आगे नहीं बढ़ाना चाहते। “वे एक नैरेटिव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। जो कहना था, कह चुका हूँ। उपराष्ट्रपति का पद राजनीतिक नहीं है, इसलिए मैं राजनीतिक मुद्दों पर टिप्पणी नहीं करूँगा।”

गौरतलब है कि 9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन और विपक्षी उम्मीदवार जस्टिस रेड्डी के बीच सीधी टक्कर होगी। इसे “साउथ बनाम साउथ” की जंग माना जा रहा है, क्योंकि दोनों ही नेता दक्षिण भारत से आते हैं। जहाँ राधाकृष्णन तमिलनाडु से भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं, वहीं रेड्डी तेलंगाना से हैं और जुलाई 2011 में सुप्रीम कोर्ट से सेवानिवृत्त हुए थे। वे कालेधन मामलों की जांच में सुस्ती बरतने के लिए केंद्र की आलोचना करने वाले कई ऐतिहासिक फैसलों के लिए जाने जाते हैं।