रेडमंड स्थित माइक्रोसॉफ्ट मुख्यालय में गुरुवार को अभूतपूर्व नज़ारा देखने को मिला, जब प्रदर्शनकारी कंपनी अध्यक्ष ब्रैड स्मिथ के ऑफिस में घुस गए। “नो अज्योर फॉर अपार्थाइड” नामक यह समूह, जिसमें कुछ मौजूदा और पूर्व कर्मचारी भी शामिल थे, ने आरोप लगाया कि माइक्रोसॉफ्ट का अज्योर क्लाउड प्लेटफॉर्म इज़राइल सरकार द्वारा निगरानी के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
घटना के बाद ब्रैड स्मिथ ने तुरंत आपात प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा, “संवाद का स्वागत है, लेकिन दफ़्तर में घुसना, डिवाइस लगाना और बाहर निकलने से इनकार करना बिल्कुल अस्वीकार्य है।”
क्या हुआ अंदर?
कुछ घंटे पहले सात लोग, जिनमें दो माइक्रोसॉफ्ट कर्मचारी भी शामिल थे, स्मिथ के दफ़्तर में घुस गए और अंदर बैठकर धरना शुरू कर दिया। उन्होंने दरवाज़ा बंद कर दूसरों को अंदर नहीं आने दिया और यहां तक कि कमरे में लिसनिंग डिवाइस भी लगाए। इस दौरान उन्होंने लाइव प्रसारण कर कंपनी से इज़राइल के साथ रक्षा अनुबंध खत्म करने की मांग की।
स्मिथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अज्योर के इस्तेमाल से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है। कुछ दावे “गंभीर जांच योग्य” हैं, हालांकि सभी नहीं। उन्होंने आश्वासन दिया कि एक औपचारिक समीक्षा पहले ही शुरू हो चुकी है।
आगे क्या?
माइक्रोसॉफ्ट ने इस पूरे मामले पर स्वतंत्र जांच का आदेश दिया है और अपने मुख्यालय की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा कर रहा है। कंपनी पर दबाव न सिर्फ कर्मचारियों का है बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बढ़ रहा है।
स्मिथ ने कहा कि जांच के निष्कर्ष सार्वजनिक किए जाएंगे और कंपनी के सभी अनुबंध उसके मूल्यों के अनुरूप ही होने चाहिए।
यह टकराव माइक्रोसॉफ्ट के लिए चेतावनी है। अब कंपनी कर्मचारी असंतोष, मानवाधिकार बहस और वैश्विक जवाबदेही के बीच फंसी हुई है। अगर अज्योर का निगरानी में इस्तेमाल साबित होता है, तो यह पूरी टेक इंडस्ट्री के लिए एक नया मोड़ साबित हो सकता है।