नालंदा में बड़ा विवाद: ग्रामीणों ने मंत्री- विधायक को दौड़ाया, 3 गाड़ियां बदलीं

नालंदा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा में बड़ी घटना सामने आई है। मलावन गांव में सड़क हादसे में मारे गए 9 लोगों के परिजनों से मिलने पहुंचे बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार और एक विधायक पर ग्रामीणों ने लाठी-डंडे और पथराव से हमला कर दिया। हालात ऐसे बने कि मंत्री और विधायक को जान बचाने के लिए तीन गाड़ियां बदलनी पड़ीं और करीब 1 किलोमीटर तक भागना पड़ा। इस दौरान एक बॉडीगार्ड भी घायल हो गया।

सूत्रों के मुताबिक, गुस्साए ग्रामीणों के बेकाबू होते ही इलाके में भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा और गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया।

क्यों भड़के ग्रामीण?

तीन दिन पहले हुए सड़क हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई थी। मंत्री और विधायक इसी हादसे के पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे थे। मुलाकात के बाद जब मंत्री वहां से निकलने लगे तो ग्रामीणों ने उनसे कुछ देर और रुकने और मुआवजे को लेकर बात करने की मांग की। लेकिन मंत्री ने कहा कि वह सभी परिवारों से मिल चुके हैं और आगे के कार्यक्रम में जाना है। इसी बात से नाराज ग्रामीणों ने हमला कर दिया।

ग्रामीणों का आरोप है कि हादसे के दिन उन्होंने विधायक के कहने पर सड़क से जाम हटाया था, लेकिन अब तक उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिला।

पटना में भी हुआ था हमला

गौरतलब है कि इससे पहले सोमवार को पटना में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे के काफिले पर भी भीड़ ने हमला किया था। अटल पथ पर हुई इस घटना में गाड़ियों के शीशे टूट गए थे। गुस्साए लोगों ने मंत्री के एस्कॉर्ट पर भी पथराव किया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

तेजस्वी यादव का हमला

इस घटनाक्रम पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा –
“पटना में पिछले दिनों घर में घुसकर 5-6 बच्चों की हत्याएं हुई हैं। सुनवाई न होने से आक्रोशित जनता स्वास्थ्य मंत्री की गाड़ी पर हमला कर रही है। मोदी जी के ‘मंगलराज’ में अपराधियों का बोलबाला है और मुख्यमंत्री अचेत बने बैठे हैं। ऐसे में कानून व्यवस्था का बिगड़ना तय है।”