भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दशहरे के बाद प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर, कमिश्नर, एसपी और आईजी के साथ दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस करेंगे। यह मोहन सरकार के कार्यकाल की पहली कलेक्टर-कमिश्नर, एसपी-आईजी कॉन्फ्रेंस होगी। सम्मेलन में आगामी तीन वर्षों की प्राथमिक कार्ययोजना और “विजय 2047 डॉक्यूमेंट” पर विशेष फोकस रहेगा।
2 अक्टूबर को होगी बैठक
यह कॉन्फ्रेंस पहले 19 और 20 सितंबर को प्रस्तावित थी, लेकिन नवरात्रि की तैयारियों और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने इसे अब 2 अक्टूबर (दशहरे के बाद) कराने का निर्णय लिया। बैठक भोपाल में फिजिकल रूप से आयोजित होगी, जिसमें प्रदेशभर के कलेक्टर, कमिश्नर, पुलिस अधीक्षक, आईजी और पुलिस कमिश्नर शामिल होंगे।
विभागीय समीक्षा के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कैबिनेट बैठक से पहले मंत्रियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने विभागों की विस्तृत समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि जहां भी प्रदर्शन कमजोर है, वहां सुधारात्मक कदम तुरंत उठाए जाएं। सम्मेलन में विभागीय उपलब्धियों और कमियों पर चर्चा होगी।
सरकार ने दो माह पहले कलेक्टरों की कार्यप्रणाली की रैंकिंग तय करने का निर्णय लिया था। एमपीएसईडीसी इस पर काम कर रहा है और संशोधित पैरामीटर्स के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। अक्टूबर की कॉन्फ्रेंस में कलेक्टरों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी।
दीपावली पर “स्वदेशी से समृद्धि” का संकल्प
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर नए जीएसटी सुधारों का वादा किया था, जो अब लागू हो रहे हैं। इनसे किसानों, एमएसएमई, मध्यम वर्ग, युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में लाभ होगा।
उन्होंने घोषणा की कि इस बार दीपावली “स्वदेशी से समृद्धि” के संकल्प के साथ मनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से अपील की कि वे जीएसटी सुधारों और उनके लाभों की जानकारी जन-जन तक पहुंचाएं और स्वदेशी आंदोलन को बढ़ावा दें।