नई दिल्ली/छिंदवाड़ा: 25 मासूम बच्चों की मौत का कारण बनी कोल्ड्रिफ सिरप मामले में केंद्रीय एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। सोमवार को ईडी ने श्रीसन फार्मा से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की है। सिरप बनाने वाली कंपनी श्रीसन फार्मा के मालिक जी रंगनाथन को गिरफ्तार कर लिया गया है। ईडी चेन्नई कोल्ड्रिफ कफ सिरफ मामले में ढटछअ के तहत तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई स्थित श्रीसन फार्मा के 7 ठिकानों पर छापेमारी की है। खास बात है कि इनमें तमिलनाडु ड्रग कंट्रोल आॅफिस के शीर्ष अधिकारियों के ठिकाने भी शामिल हैं। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने कहा है कि तमिलनाडु खाद्य एवं औषधि प्रशासन (टीएनएफडीए) से 2011 में लाइसेंस प्राप्त कांचीपुरम स्थित श्रीसन फार्मा ने अपने खराब बुनियादी ढांचे और राष्ट्रीय औषधि सुरक्षा नियमों के कई उल्लंघनों के बावजूद एक दशक से अधिक समय तक परिचालन जारी रखा।
छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सिरप से हुई 25 बच्चों की मौत के मामले में गिरफ्तार जी रंगनाथन को लेकर यहां की पुलिस चेन्नई पहुंच गई है। एसआईटी के साथ ही ड्रग इंस्पेक्टर्स की भी एक टीम गई है। जो वहां पर श्रीसन फार्मास्युटिकल के प्लांट सहित अन्य जगहों पर जाकर निरीक्षण करेगी। एसपी छिंदवाड़ा अजय पांडे ने बताया कि जी रंगनाथन को लेकर एसआईटी की टीम चेन्नई पहुंच गई है। यहां पर टीम दवा बनाने वाले प्लांट का निरीक्षण करेगी। इस कंपनी का दवा प्लांट कांचीपुरम में स्थित है। यहां पर पुलिस की टीम जाएगी और निरीक्षण करेगी।
फैक्ट्री, ऑफिस से दस्तावेज जब्त करेगी एसआईटी
छिंदवाड़ा एसआईटी के साथ गए ड्रग इंस्पेक्टर दवा पलांट से सैम्पल ले सकते हैं। इसके साथ ही यहां पर यह यभी देखा जाएगा कि प्लांट में कौन-कौन से केमिकल आदि रखे हुए हैं। यहां से साक्ष्य एकत्र करने का काम किया जाएगा। इसके साथ ही कंपनी से दμतर भी एसआईटी की टीम जाएगी। यहां पर दस्तावेजों की जांच की जाएगी। यहां पर भी साक्ष्य एकत्र करने का काम किया जाएगा। साथ ही देखा जाएगा कि इस दवा का सेम्पल लेकर आखिरी बार जांच कब की गई थी, और उसकी रिपोर्ट क्या आई थी। यह सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज एसआईटी के लिए माना जा रहा है। इसके साथ ही यह भी पता किया जाएगा कि दवा बनाने के लिए रॉ मटेरियल कहां-कहां से खरीदा जाता है, वहां पर एसआईटी और ड्रग इंस्पेक्टर की टीम जा सकती है।
स्थाई रूप से बंद होगी जहरीला सिरप बनाने वाली कंपनी
इधर, तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री मा. सुब्रमणियन ने बताया कि लापरवाही के आरोप में दो वरिष्ठ औषधि निरीक्षकों को निलंबित किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि विस्तृत जांच के बाद श्रीसन फार्मा को स्थायी रूप से बंद करने का निर्णय अगले तीन दिनों के भीतर लिया जाएगा। यह कदम बच्चों की जान बचाने के लिए उठाया जा रहा है। गौरतलब है कि तमिलनाडु सरकार की जांच कमेटी को कोल्ड्रिफ बनाने वाली श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स की फैक्ट्री में 350 से ज्यादा गड़बड़ियां मिली थीं। जिन्हें क्रिटिकल और मेजर श्रेणी में रखा गया था