चंडीगढ़: हरियाणा के सीनियर आईपीएस अफसर वाई पूरन कुमार के सुसाइड का मामला सुलझ नहीं रहा है। लगातार 6 दिन से आईपीएस के परिवार और सरकार के बीच गतिरोध बना हुआ है। आज सातवां दिन है। परिवार की सहमति न मिलने की वजह से शव का पोस्टमॉर्टम नहीं हो पाया।
रविवार को चंडीगढ़ पुलिस ने आईपीएस की आईएएस पत्नी अमनीत पी. कुमार को नोटिस भेजकर शव की पहचान की प्रक्रिया पूरी करने को कहा था। जबकि आईएएस अफसर अमनीत और उनके पंजाब के बठिंडा से एमएलए भाई अमित रतन कोटफत्ता पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर को हटान पर अड़े हुए हैं। सरकार रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारनियां को हटाकर उन्हें मनाने की कोशिश कर चुकी है।
वहीं तेलंगाना के डिप्टी सीएम मल्लू भट्टी विक्रमार्का पूरन कुमार की पत्नी से शोक जताने के लिए उनके चंडीगढ़ स्थित घर पर पहुंचे हैं। दूसरी ओर यह कहा जा रहा है कि डीजीपी शत्रुजीत कपूर पर एक्शन न लिए जाने का कारण हरियाणा के एक बड़े प्रभावशाली भाजपा नेता हैं। जो पूर्व में राज्य में बड़ी भूमिका थे और अब दिल्ली में भी अच्छी पैठ रखते हैं। वहीं इस केस में आईएएस और आईपीएस असोएिशन की चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं।