चुनावों के लिए कांग्रेस का हाई-टेक प्लान: राहुल गांधी ने एमपी में बनाया ‘कनेक्ट सेंटर’, हर बूथ पर रखेंगे सीधी नजर

आगामी चुनावों की तैयारी के लिए कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में अपनी चुनावी रणनीति को डिजिटल और केंद्रीकृत (सेंट्रलाइज्ड) कर दिया है। राहुल गांधी ने मतदाता सूचियों में गड़बड़ियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाते हुए, अगले चुनावों में जीत सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है। इसके तहत, उन्होंने दिल्ली कांग्रेस मुख्यालय और भोपाल प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में विशेष ‘कनेक्ट सेंटर’ तैयार किए हैं, जो मध्य प्रदेश के हर मतदान केंद्र के बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) से सीधे जुड़े रहेंगे।

कनेक्ट सेंटर की भूमिका

यह कनेक्ट सेंटर राहुल गांधी की चुनावी रणनीति की रीढ़ होगा। दिल्ली से बनने वाली हर चुनावी योजना और रणनीति की जानकारी सीधे कनेक्ट सेंटर के माध्यम से बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) तक पहुँचेगी। बूथ स्तर पर किए गए कार्यों की रिपोर्टिंग और निगरानी (मॉनिटरिंग) भी इसी कनेक्ट सेंटर के माध्यम से की जाएगी।

विशेषज्ञ की तैनाती: राहुल गांधी ने दिल्ली से भोपाल के कनेक्ट सेंटर के लिए एक विशेषज्ञ (एक्सपर्ट) को तैनात किया है, जो पूरे ऑपरेशन की देखरेख करेगा।

70 हजार बूथों पर BLA की नियुक्ति

संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करते हुए, कांग्रेस मध्य प्रदेश की 230 विधानसभाओं के अंतर्गत आने वाले लगभग 70 हजार बूथों पर बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) नियुक्त करेगी। कांग्रेस वर्तमान में जिलाध्यक्षों के बाद तेजी से ब्लॉक अध्यक्षों और फिर मंडलम अध्यक्षों की नियुक्ति कर रही है।

मोबाइल ऐप से वोटर वेरिफिकेशन

कांग्रेस ने एक मोबाइल ऐप भी तैयार कराया है, जिसमें मध्य प्रदेश की हर विधानसभा के सभी मतदान केंद्रों की जानकारी और वोटर्स की विस्तृत जानकारी दर्ज होगी।

70 हजार बीएलए इस ऐप का उपयोग करके अपने पोलिंग बूथ के हर वोटर की जानकारी को वेरिफाई करेंगे।  बीएलए यह सुनिश्चित करेंगे कि मृत मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हट जाएं और यदि मतदाताओं की जानकारी में कोई गलती है, तो निर्धारित फॉर्म भरवाकर उसे सुधरवाया जाए। ऐप में हर मतदाता का नाम हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दर्ज किया जा रहा है, ताकि बीएलए को जानकारी समझने में आसानी हो। कांग्रेस अपने बीएलए के साथ-साथ बीजेपी और अन्य दलों के बूथ लेवल एजेंट्स की जानकारी का भी रिकॉर्ड रखेगी।

वॉर रूम में नौ प्रमुख टीमें

इस पूरे ऑपरेशन को संचालित करने के लिए कांग्रेस के वॉर रूम में नौ प्रमुख टीमें होंगी, जिनमें कनेक्ट सेंटर सबसे अहम कड़ी होगा।

यह वॉर रूम से बूथ लेवल तक सीधे जुड़ा रहेगा। इसमें जोन वार डेस्क होंगी, जिसमें प्रत्येक डेस्क 5 विधानसभाओं तक को कवर करेगी।

 यह चुनावी नैरेटिव (कथा) तैयार करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण होगा। इसमें मीडिया और सोशल मीडिया एक्सपर्ट शामिल होंगे, जो कंटेंट क्रिएट करने, खबरों की मॉनिटरिंग करने और उसे तेजी से सर्कुलेट करने का काम करेंगे। इस टीम में कंटेंट क्रिएटर, ग्राफ़िक्स एडिटर और अनुवादक भी होंगे। यह डिवीजन बूथ लेवल वर्कर्स से लेकर स्टेट लेवल लीडर्स तक की ट्रेनिंग के लिए स्टैंडर्ड मटेरियल तैयार करेगा और वॉर रूम के नए सदस्यों को प्रशिक्षित करेगा। लीगल, नरेटिव कोआर्डिनेशन, सिविल सोसाइटी/वॉलेंटियर कनेक्ट, ऑर्गेनाइजेशन कम्युनिकेशन, कॉल सेंटर और एडमिनिस्ट्रेशन डिवीजन भी शामिल होंगे।

भोपाल का कनेक्ट सेंटर बीएलए को दिए गए टास्क की लगातार निगरानी करेगा, जबकि दिल्ली में राहुल गांधी की टीम सीधे इस जानकारी को जुटाकर रणनीति तैयार करेगी।