जैसलमेर-जोधपुर हाइवे पर बस में आग: 20 यात्रियों की मौत, 16 घायल, पटाखों से विस्फोट की आशंका

जैसलमेर-जोधपुर हाइवे पर एक दर्दनाक हादसे में एक यात्री बस आग का गोला बन गई, जिसमें 20 लोगों की जान चली गई। यह बस जैसलमेर से जोधपुर जा रही थी और इसमें 57 यात्री सवार थे। कुछ यात्रियों ने चलती बस से कूदकर अपनी जान बचाई, लेकिन 20 यात्री आग की चपेट में आने से नहीं बच सके और जलकर मर गए। मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। इस हादसे में 16 अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में संदेह जताया जा रहा है कि बस में आग पटाखों के कारण लगी हो सकती है। राजस्थान के मंत्री गजेन्द्र सिंह खिमसर ने कहा कि यह उनके जीवन का सबसे भयावह हादसा है। उन्होंने बताया कि बस में विस्फोट होने के बाद आग तेजी से फैली, जिससे बस और उसका सामान पूरी तरह नष्ट हो गया। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम मामले की गहन जांच कर रही है। जांच में पता चला कि कुछ यात्रियों के पास पटाखे थे, जिसके कारण संभवतः आग लगी और विस्फोट हुआ।

भाजपा विधायक प्रताप पुरी ने बताया कि इस हादसे में 19 यात्री बस में ही मारे गए, जबकि एक गंभीर रूप से घायल यात्री की जोधपुर ले जाते समय मौत हो गई। शव इतने बुरी तरह जल चुके हैं कि उनकी पहचान के लिए जैसलमेर जिला प्रशासन ने डीएनए टेस्ट शुरू किया है। शवों को परिजनों को सौंपने से पहले डीएनए मिलान किया जाएगा।

जैसलमेर पुलिस के मुताबिक, बस दोपहर करीब 3 बजे जैसलमेर से रवाना हुई थी। हाइवे पर चलते समय ड्राइवर ने देखा कि बस के पीछे से धुआं उठ रहा है। ड्राइवर ने बस रोकने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि बस पूरी तरह जल गई। स्थानीय लोगों, राहगीरों और सेना के जवानों ने बचाव कार्य में मदद की। फायर ब्रिगेड और पुलिस को तुरंत सूचना दी गई। घायलों को पहले जैसलमेर के जवाहर अस्पताल ले जाया गया, जहां से 16 गंभीर रूप से घायल यात्रियों को जोधपुर रेफर किया गया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने इस त्रासदी पर गहरा दुख जताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की।