गुस्साई सिंधी समाज ने अमित बघेल पर बरसाई चप्पलें

सिंधी समाज ने कार्रवाई की मांग को लेकर एसपी को दिया ज्ञापन

विदिशा: मंगलवार को पूज्य सिंधी पंचायत के बैनर तले बड़ी संख्या में सिंधी समाज के लोग विवेकानंद चौराहे पर एकत्रित हुए और नारेबाजी करते हुए कलेक्टोरेट पहुंचे और पुलिस अधीक्षक रोहित केशवानी को ज्ञापन दिया। मंगलवार को पूज्य सिंधी पंचायत के बैनर तले बड़ी संख्या में सिंधी समाज के लोग हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए कलेक्टोरेट पहुंचे और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन दिया गया।

इस दौरान समाज के अध्यक्ष दीवान मंगतानी, वासुदेव धनवानी, गोपाल खत्री, मनोज पंजवानी, दिलीप रामानी आदि ने बताया कि छत्तीसगढ़ के जौहार पार्टी के प्रमुख अमित बघेल द्वारा एक कार्यक्रम में बयान दिया गया, जिसमें उन्होंने सिंधी हिंदू समाज के आराध्य देवता वरुण देव के अवतार श्री झूलेलाल  के प्रति एवं सिंधी समाज के विरुद्ध आपत्तिजनक शब्दों का उपयोग करते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी की है। वहीं बघेल द्वारा अग्रवाल समाज के संस्थापक भगवान श्रीराम के वंशज समरसता के प्रेरणा महाराज श्री अग्रसेन के विरुद्ध भी अमर्यादित एवं अभद्र शब्दों का प्रयोग किया गया है। समाज के लोगों ने भारतीय जनता  पार्टी के महापुरुष स्वर्गीय डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं स्वर्गीय दीनदयाल उपाध्याय के विरुद्ध भी आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है।

उन्होंने कहा कि जिससे देश के लाखों लोगों की धार्मिक सामाजिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है और सिंधी समाज एक सभ्य व्यापारिक समाज है जो बंटवारे के बाद अपने धर्म को बचाने के लिए विभाजित  भारत के सिंध प्रांत से पलायन कर देश के विभिन्न हिस्सों में बस गया और अपने पुरुषार्थ के दम पर आज स्थापित समाज है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार अमित बघेल द्वारा जानबूझकर आपत्तिजनक बयानबाजी कर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाया है और माफी मांगने से भी साफ इंकार कर दिया गया है, इससे ऐसा प्रतीत होता है कि देश में अशांति उत्पन्न करने और वैमनस्यता बढ़ाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने आवेदन देकर मांग की है कि अमित बघेल पर कठोर कार्रवाई की जाए, जिससे कि इस प्रकार की बयानबाजी आगे और न हो सके। उन्होंन कड़े शब्दों में इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि अगर जल्द से जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो सिंधी समाज द्वारा नगर बंद सहित धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में सिंधी समाज के लोग मौजूद थे। इस मौंके पर दीवान मंगतानी, वासुदेव धनवानी , गोपाल खत्री, मनोज पंजवानी , दिलीप रामानी ,महेश कामरानी , शंकरलाल शुगानी , जगदीश तोलानी , नरेन्द्र धनवानी , निर्देश कामरानी, विजय सुन्दरानी,कपिल लीलानी, रवि तलरेजा, जे. आर. सुभाषी, अशोक मोटवानी, टीकमदास ललवानी, गिरधारीलाल बालियानी, सुरेश मोतियानी, गुरुमुखदास खुगानी, गुलामल छुगानी, मानंद गंगवानी, होलाराम पिंजवानी, हरीश वाधवानी, आसनदास इसरानी, कसुदेव पमनानी, ईश्वरलाल मोतियानी, राजकुमार तलरेजा, रामबंद चंदानी शमिल थे।