सिडनी: भारत के एकल खिलाड़ी जब अपने प्रदर्शन में निरंतरता हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं तब एक बार फिर सभी कीनिगाहें सात्यिक साईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की शौर्ष वरीयता प्राप्त पुरुष युगल जोड़ी पर टिकी रहेगी जो मंगलबार से बहां शुरू हो रहे ऑस्ट्रेलियाई ओपन सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट में सन्न का अपना पहला खिताज गीतने को कोशिश करेंगे। सात्यिक और चिराग ने विश्व चैंपियनशिप में दूसरा कांस्य पदक जीता तथा हांगकांग सुपर 500 और चाइना मास्टर्स सुपर 750 में उपविगेता रहे। राष्ट्रमंडल खेलों के चैंपियन का पहला मुकावला चीनी ताइपे के चांग को ची और पो ली-बेई से होगा। चोटों और खराब फॉर्म से जूझ रहे भारत के एकल खिलाड़ी लक्ष्य सेन और एचएस प्रणाग अपने प्रदर्शन में निरंतरता लाने की कोशिश करेंगे। ऑस्ट्रेलिियाई ओपन में लक्षच का पहला मुकाबला चीनी ताइपे के सु ली सांग से होगा। प्रणय पिछले साल उपविजेता रहे थे लेकिन फिलहाल वह भी लय हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यह पहले दौर में कनाडा के खायन यांग का सामना करते हुए पूरी लय हासिल करना चाहेंगे। किदाम्बी श्रीकांत पांचयें खरीय लिन चुन-यी से, जाखकि अमेरिकी ओपन चैंपियन आयुष शेट्टी मलेशिया के जस्टिन होह से भिड़ेंगे। महिला एकल में आर्किष कराचप ड्रों में शामिल एकमात्र भारतीय हैं। त्रीसा जोली और गायश्री गोपीचंद चोट के कारण लंबे समय तक बाहर रहने के बाद वापसी कर रही हैं।