बिहार में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस अब मध्य प्रदेश में पूरी सतर्कता के साथ अपनी रणनीति को धार देने के प्रयास में है। पार्टी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर प्रदेश प्रभारी व विधायक हरीश चौधरी को खुद मैदान में उतार दिया है। 19 से 28 नवंबर तक वे महाकौशल के आठ संगठनात्मक जिलों में एसआईआर को लेकर पार्टी नेताओं की बैठक लेंगे। इसके बाद वे भोपाल में पॉलिटिकल अफेयर कमेटी (पीएसी) की भी बैठक लेंगे। इधर कांग्रेस ने हर जिले में एसआईआर को लेकर अपने बीएलए को ट्रैनिंग देना शुरू कर दिया है। बुधवार से अगले दस दिनों में वे जबलपुर, नरसिंहपुर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडोरी, इंदौर और भोपाल सहित दर्जनभर जिलों में जिला कांग्रेस कमेटियों की समीक्षा बैठकें और विशेष तौर पर एसआईआर को लेकर चर्चाएं और बैठक करेंगे। हर जिले में वे संगठन मजबूती, बूथस्तरीय मतदाता सत्यापन और किसी भी मतदाता का नाम नहीं छूटे इस पर खास जोर देंगे। कांग्रेस की अंदरूनी रणनीति के अनुसार, बिहार में मतदाता सूची में गड़बड़ी एवं बूथ प्रबंधन की कमजोरियों को हार का एक बड़ा कारण माना गया। मध्य प्रदेश में ऐसी चूक न हो, इसके लिए अब प्रदेश प्रभारी का यह गहन दौरा एसआईआर में पार्टी की ओर से कोई चूक न हो इसे लेकर माना जा रहा है। । चौधरी इस दौरान जिला पदाधिकारियों से सीधा फीडबैक लेंगे और एसआईआर में लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारों पर कार्यवाही के भी संकेत दिए जा रहे हैं।