किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के दायरे को बढ़ाते हुए दो प्रमुख जोखिमों को इसमें शामिल करने की स्वीकृति दे दी है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की है कि अब जंगली जानवरों द्वारा फसलों को पहुँचाए गए नुकसान और अत्यधिक वर्षा या बाढ़ के कारण धान के खेतों में होने वाले जलभराव से हुई क्षति पर भी किसानों को बीमा का मुआवज़ा मिलेगा।
यह बदलाव उन हजारों किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है जो जंगल के पास बसे हैं और लंबे समय से नीलगाय, हाथी या अन्य जंगली जीवों से होने वाले नुकसान की भरपाई की मांग कर रहे थे। इस नुकसान को ‘स्थानीयकृत जोखिम’ की पाँचवीं ऐड-ऑन कवर श्रेणी में मान्यता दी गई है। राज्य सरकारें जंगली जानवरों की सूची और सर्वाधिक प्रभावित जिलों की पहचान करेंगी, जिसके बाद किसानों को इसका लाभ मिलना शुरू होगा।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को बधाई देते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की किसानों को सुरक्षा कवच देने की प्रतिबद्धता का परिणाम है।
संशोधित प्रावधानों के अनुसार, किसानों को फसल नुकसान की सूचना 72 घंटे (तीन दिन) के भीतर PMFBY ऐप पर जियो-टैग्ड फोटो के साथ दर्ज करानी होगी, ताकि दावा प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इन नए कवरेज प्रावधानों को खरीफ 2026 सीज़न से लागू करने की तैयारी है, जिससे तटीय, हिमालयी, उत्तर-पूर्वी राज्यों और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के किसानों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।