जस्टिस सूर्यकांत ने आज (सोमवार, 24 नवंबर) देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। राष्ट्रपति भवन में आयोजित गरिमामय समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। शपथ लेने के तुरंत बाद CJI सूर्यकांत ने परंपरा निभाते हुए वहाँ मौजूद अपने बड़े भाई के पैर छूकर आशीर्वाद लिया।
इस ऐतिहासिक समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई गणमान्य लोग मौजूद थे। CJI सूर्यकांत ने पूर्व CJI बी.आर. गवई से भी गर्मजोशी से मुलाकात की, जिनका कार्यकाल रविवार, 23 नवंबर को समाप्त हो गया था।
न्यायिक इतिहास में पहली बार 7 देशों के प्रतिनिधि
भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में यह पहला मौका था जब किसी CJI के शपथ ग्रहण में इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय न्यायिक प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी रही। समारोह में ब्राजील समेत सात देशों— भूटान, केन्या, मलेशिया, मॉरिशस, नेपाल और श्रीलंका— के मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के जज भी राष्ट्रपति भवन पहुँचे।
जस्टिस सूर्यकांत अब देश की सबसे बड़ी न्यायिक कुर्सी की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनका कार्यकाल लगभग 14 महीने का होगा और वह 9 फरवरी 2027 को सेवानिवृत्त होंगे।