सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सोशल मीडिया कंटेंट से जुड़े दो मामलों पर सुनवाई हुई, जिसके केंद्र में यूट्यूबर और स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना का शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ था। शो में महिलाओं और पेरेंट्स को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी (अश्लील कंटेंट) से जुड़े मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया।
कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि सोशल मीडिया पर एडल्ट कंटेंट के लिए किसी न किसी को जिम्मेदारी लेनी ही होगी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को 4 हफ्ते में रेगुलेशन बनाने का निर्देश दिया और कहा कि ये कानून SC/ST एक्ट की तरह सख्त होने चाहिए। इस मामले में रणवीर अलाहबादिया व अन्य ने FIR रद्द करने के लिए याचिका लगाई थी, जिस पर कोर्ट ने कोई छूट नहीं दी।
इसी शो में दिव्यांगों, खासकर नेत्रहीन व्यक्तियों का मजाक उड़ाने के आरोप पर SMA फाउंडेशन ने एक अन्य याचिका लगाई थी। इस मामले में कोर्ट ने कॉमेडियन समय रैना और विपुल गोयल समेत छह कॉमेडियन को आदेश दिया कि वे अपने शो में दिव्यांग लोगों की सफलता की कहानियाँ दिखाएं, ताकि उनकी मदद के लिए फंड इकट्ठा किया जा सके। इस आदेश पर सभी छह कॉमेडियन ने सहमति जताते हुए कहा कि वे महीने में ऐसे दो शो करेंगे और फंड जुटाएंगे। इसके साथ ही CJI ने समय रैना को भविष्य के लिए सख्त चेतावनी दी। CJI ने कहा कि आप और आपकी टीम को भविष्य में बहुत सावधान रहना होगा, चाहे देश में हों या बाहर; हमें सब पता है। यह टिप्पणी समय रैना द्वारा कनाडा में एक शो के दौरान दिए गए एक बयान के संदर्भ में थी।