इंदौर जिले के महू क्षेत्र में दूषित पानी पीने के कारण करीब दो दर्जन लोग गंभीर रूप से बीमार पड़ गए हैं। अचानक बड़ी संख्या में मरीजों के अस्पताल पहुँचने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया और रात भर आपात स्थिति बनी रही। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने देर रात महू पहुंचकर प्रभावित लोगों से मुलाकात की और उनके उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
लापरवाही का आरोप: कई दिनों से आ रहा था गंदा पानी
महू के निवासियों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से नलों में आने वाले पानी का रंग और स्वाद बदला हुआ था, साथ ही उसमें दुर्गंध भी आ रही थी। इसके बावजूद कई लोग मजबूरी में उसी पानी का इस्तेमाल करते रहे, जिसके परिणामस्वरूप वे पेट संबंधित संक्रमण के शिकार हो गए। कलेक्टर ने प्रशासनिक अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि क्षेत्र में पानी की गुणवत्ता की तत्काल जांच की जाए।
प्रशासनिक कदम और एहतियाती निर्देश
कलेक्टर ने प्रभावित इलाकों में टैंकरों के माध्यम से स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति करने और दूषित पाइपलाइन की मरम्मत के आदेश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर मौजूद है और मरीजों की निरंतर निगरानी कर रही है। प्रशासन ने क्षेत्र में चेतावनी जारी की है कि किसी भी स्थिति में असुरक्षित पानी का सेवन न करें और पानी को उबालकर ही पिएं। वर्तमान में जल स्रोतों के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।