बारामती में उमड़ा जनसैलाब, राजकीय सम्मान के साथ अजीत पवार का अंतिम संस्कार

महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजीत पवार का अंतिम संस्कार आज उनके पैतृक गांव काटेवाड़ी में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए विद्या प्रतिष्ठान में रखा गया था, जहां हजारों की संख्या में समर्थक और नागरिक अपने प्रिय नेता को विदाई देने पहुंचे। इस दुखद घड़ी में शरद पवार, सुप्रिया सुले, पत्नी सुनेत्रा पवार और दोनों बेटे पार्थ व जय सहित पूरा पवार परिवार मौजूद रहा। महाराष्ट्र में उनके निधन पर तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है।

श्रद्धांजलि देने पहुंचे देश के बड़े नेता

अजीत पवार को अंतिम विदाई देने के लिए दिल्ली और महाराष्ट्र के तमाम दिग्गज नेता बारामती पहुंचे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार शिंदे, मनसे प्रमुख राज ठाकरे और आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतिम यात्रा के दौरान बारामती की सड़कों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिससे शहर के कई हिस्सों में जाम की स्थिति बनी रही।

लैंडिंग से ठीक पहले क्या हुआ?

विमान दुर्घटना की तकनीकी जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इंवेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह 8:43 बजे विमान को लैंडिंग की क्लीयरेंस दी गई थी, लेकिन पायलट ने इसका जवाब (रीडबैक) नहीं दिया। पायलट ने पहले विजिबिलिटी कम होने की बात कही थी और रनवे न दिखने के कारण विमान हवा में चक्कर लगा रहा था। सुबह 8:44 बजे एटीसी ने रनवे के थ्रेशहोल्ड के पास आग की लपटें देखीं। विमान का मलबा रनवे से 50 मीटर दूर पाया गया है।

अजीत पवार 5 फरवरी को पुणे में होने वाले जिला परिषद चुनावों के लिए बेहद सक्रिय थे। हादसे के दिन भी वे चार बड़ी रैलियों को संबोधित करने के लिए बारामती जा रहे थे। 66 साल की उम्र में उनके इस आकस्मिक निधन ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा कर दिया है। हादसे में उनके साथ सुरक्षाकर्मी और क्रू मेंबर सहित कुल 5 अन्य लोगों की भी जान गई है।