भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को कमजोर शुरुआत की, जिसमें आईटी सेक्टर पर भारी बिकवाली का मुख्य दबाव रहा। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स लगभग 400 अंकों की गिरावट के साथ 83,800 के आसपास पहुंच गया, जो करीब 0.5 प्रतिशत की कमी दर्शाता है। इसी तरह एनएसई निफ्टी 50 भी 110-120 अंकों की फिसलन के साथ 25,840 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया, यानी लगभग 0.45 प्रतिशत नीचे।
निफ्टी 50 में शामिल अधिकांश शेयर लाल निशान में रहे, जबकि आईटी सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ। निफ्टी आईटी इंडेक्स में 3.5 से 4 प्रतिशत तक की तेज गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख आईटी कंपनियों में इंफोसिस के शेयर करीब 3-5 प्रतिशत टूटे, जबकि टीसीएस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक और विप्रो जैसे दिग्गजों में भी मजबूत कमजोरी दिखी।
आईटी के अलावा अन्य सेक्टर्स में भी दबाव देखा गया। इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), महिंद्रा एंड महिंद्रा, एसबीआई लाइफ, एचडीएफसी लाइफ, हिंदाल्को और टाइटन जैसी कंपनियों के शेयरों में गिरावट रही। मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में भी सुस्ती बनी रही, जहां निफ्टी मिडकैप इंडेक्स लगभग 0.8 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 1 प्रतिशत नीचे रहा।
हालांकि कुछ शेयरों ने बाजार को सहारा देने की कोशिश की। ओएनजीसी, आईसीआईसीआई बैंक, एनटीपीसी, आयशर मोटर्स, एक्सिस बैंक, पावर ग्रिड, कोल इंडिया और हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसे स्टॉक्स में हल्की बढ़त देखी गई। सेक्टोरल स्तर पर फार्मा और पीएसयू बैंक इंडेक्स में करीब 0.5 प्रतिशत की गिरावट रही, जबकि प्राइवेट बैंक और एफएमसीजी इंडेक्स में मामूली 0.1 प्रतिशत की मजबूती दर्ज हुई।
वैश्विक मोर्चे पर एशियाई बाजारों में सकारात्मक माहौल रहा। जापान का निक्केई 225 सूचकांक 58,000 के स्तर को पार कर नया रिकॉर्ड बनाते हुए 0.3-0.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था, जहां हालिया चुनाव परिणामों और सरकार की नीतियों से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 1.5-2 प्रतिशत चढ़ा, जबकि ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी एएसएक्स 200 भी 0.6 प्रतिशत ऊपर रहा।
अमेरिकी बाजारों में बुधवार को मिले-जुले रुझान देखे गए। एसएंडपी 500 लगभग स्थिर रहा, जबकि नैस्डैक कंपोजिट 0.16 प्रतिशत और डॉव जोन्स 0.13 प्रतिशत की हल्की गिरावट के साथ बंद हुए। निवेशक कंपनियों के तिमाही नतीजों और जनवरी के मजबूत रोजगार डेटा का विश्लेषण कर रहे थे।