हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के चक्कर इलाके में स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर को सोमवार को बम से उड़ाने की गंभीर धमकी मिली। यह धमकी एक आधिकारिक ईमेल के माध्यम से न्यायालय के कार्यालय को प्राप्त हुई, जिसमें दावा किया गया कि परिसर में बम लगाया गया है।
सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बालूगंज थाने की टीम को मौके पर भेजा। डॉग स्क्वॉड की मदद से पूरे परिसर की गहन तलाशी ली गई। अदालत भवन सहित आसपास के सभी क्षेत्रों की बारीकी से जांच की गई, लेकिन सर्च ऑपरेशन के दौरान कोई भी विस्फोटक सामग्री या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। जांच पूरी होने के बाद परिसर को सुरक्षित घोषित कर दिया गया और न्यायिक कार्य सामान्य रूप से शुरू हो गए।
पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 353(1)(b), 351(3), 351(4) और 152 के तहत मामला दर्ज किया है। धमकी देने वाले की पहचान के लिए साइबर विशेषज्ञों की टीम ने तकनीकी जांच शुरू कर दी है। ईमेल के स्रोत, आईपी लोकेशन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऐसी धमकियों को बिल्कुल हल्के में नहीं लिया जा रहा है और दोषी को जल्द गिरफ्तार करने के लिए सभी संभव प्रयास किए जा रहे हैं। यह घटना हाल के दिनों में न्यायिक परिसरों को मिल रही धमकियों की कड़ी में एक और मामला है।