केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को साफ निर्देश दिया है कि वे ग्राहकों के बिल में ‘LPG चार्ज’, ‘गैस सरचार्ज’ या ‘फ्यूल कॉस्ट रिकवरी’ जैसे कोई भी अतिरिक्त शुल्क डिफॉल्ट रूप से नहीं जोड़ सकते। ऐसा करना अनुचित व्यापार प्रथा माना जाएगा और उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई होगी।
CCPA की एडवाइजरी में कहा गया है कि मेन्यू में छपी कीमत ही अंतिम कीमत होगी। इसमें सभी खर्च (एलपीजी सहित) पहले से शामिल होने चाहिए। बिल में केवल लागू जीएसटी या अन्य सरकारी टैक्स ही जोड़े जा सकते हैं।
यह कदम तब उठाया गया जब कमर्शियल LPG की बढ़ती कीमतों के कारण कुछ रेस्टोरेंट बिल में 5% तक ‘गैस क्राइसिस चार्ज’ जोड़ने लगे थे। शिकायतों और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर CCPA ने यह एडवाइजरी जारी की।