जीएमसी में भर्ती विवाद: भोपाल के डॉक्टर सड़क पर, सेवाएं ठप करने को तैयार

गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में आंतरिक सीधी भर्ती के विवाद ने तीखा रूप ले लिया है। मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन के आह्वान पर डॉक्टरों ने लगातार दूसरे दिन एक घंटे का ‘पेन डाउन’ आंदोलन किया और डीन कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर नारेबाजी की।

डॉक्टरों ने चेतावनी दी कि अगर विवादित विज्ञापन तुरंत वापस नहीं लिया गया तो ओपीडी सहित सभी सेवाएं ठप कर दी जाएंगी। उनका कहना है कि यह प्रक्रिया सीनियर डॉक्टरों की वरिष्ठता, सेवा निरंतरता और वित्तीय लाभों (ग्रेच्युटी, पेंशन, वेतन वृद्धि) को नुकसान पहुंचाएगी।

एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राकेश मालवीया ने कहा कि पदोन्नति के पद केवल डीपीसी के माध्यम से भरे जाएं। उन्होंने ग्वालियर हाईकोर्ट समेत अन्य अदालती फैसलों का हवाला दिया, जिनमें ऐसी भर्ती को पहले निरस्त किया जा चुका है।

प्रोग्रेसिव मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन (PMTA) ने उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य अधिकारियों से मुलाकात कर मांग रखी है। अगर मांगें नहीं मानी गईं तो 21 अप्रैल से प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई है।