नासा का आर्टेमिस-2 मिशन सफल, चंद्रमा के पास पहुंचे चार अंतरिक्ष यात्री

नासा का ऐतिहासिक आर्टेमिस-2 मिशन पूरा हो गया है। 10 दिन की लंबी अंतरिक्ष यात्रा के बाद ओरियन स्पेसक्राफ्ट प्रशांत महासागर में सुरक्षित स्प्लैशडाउन कर उतर गया।

इस मिशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्री रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसन चंद्रमा की कक्षा तक पहुंचे। उन्होंने कुल 11.16 लाख किलोमीटर की दूरी तय की और पृथ्वी से 4,06,771 किलोमीटर की अधिकतम दूरी तय करके नया रिकॉर्ड बनाया। यह दूरी अपोलो युग के किसी भी मिशन से ज्यादा थी।

मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के फार साइड (दूर वाले हिस्से) के पास से गुजरे। पृथ्वी के वायुमंडल में दोबारा प्रवेश करते समय ओरियन कैप्सूल की गति लगभग 39,000 किलोमीटर प्रति घंटा रही, जबकि घर्षण के कारण इसके बाहरी हिस्से का तापमान 2,760 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। सफल लैंडिंग के बाद अमेरिकी नौसेना की टीम ने सभी चारों अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला।

यह मिशन कई मायनों में खास रहा। इसमें पहली बार एक महिला (क्रिस्टीना कोच), एक अश्वेत अंतरिक्ष यात्री (विक्टर ग्लोवर) और एक गैर-अमेरिकी नागरिक (जेरेमी हैनसन) ने चंद्रमा की यात्रा की।

आर्टेमिस-2 नासा का पहला क्रूड (मानवयुक्त) टेस्ट फ्लाइट था। चारों सदस्य 1 अप्रैल को फ्लोरिडा के केप कैनवरल से एसएलएस (स्पेस लॉन्च सिस्टम) रॉकेट के जरिए रवाना हुए थे। उन्होंने पृथ्वी की दो परिक्रमाएं पूरी करने के बाद चंद्रमा की ओर रुख किया और उसकी सफलतापूर्वक परिक्रमा की।

नासा के अधिकारियों का कहना है कि आर्टेमिस-2 की इस सफलता से आगामी आर्टेमिस-3 मिशन की राह आसान हो गई है। आर्टेमिस-3 का लक्ष्य 2028 तक चंद्रमा की सतह पर मानव लैंडिंग करना है। इस कार्यक्रम के जरिए नासा मंगल ग्रह पर मानव मिशन भेजने की भी तैयारी कर रहा है।