बेटी का शव 6 महीने तक घर में, पिता परफ्यूम छिड़कता रहा

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने लोगों को रोंगटे खड़े कर दिए हैं। सदर बाजार के तेली मोहल्ला में रहने वाले सेवानिवृत्त शिक्षक उदय भानू विश्वास ने अपनी 32 वर्षीय अविवाहित बेटी प्रियंका की मौत के बाद उसका अंतिम संस्कार करने के बजाय करीब छह महीने तक शव को घर के अंदर ही छिपाकर रखा।

शव से निकल रही तेज बदबू को छिपाने के लिए आरोपी पिता लगातार तीन महीने तक उस पर परफ्यूम और रूम फ्रेशनर छिड़कता रहा। जब लाश पूरी तरह कंकाल में बदल गई, तब जाकर उसने मकान पर ताला लगाया और देहरादून भाग गया।

इस सनसनीखेज मामले का खुलासा शुक्रवार को हुआ जब परिजनों ने उदय भानू विश्वास को बेगमबाग इलाके में एक चाय की दुकान पर कुछ रिक्शा चालकों के साथ बैठे देख लिया। जब उनसे बेटी प्रियंका के बारे में पूछा गया तो आरोपी ने गोलमोल जवाब देते हुए कहा कि बेटी का इलाज देहरादून के किसी अस्पताल में चल रहा है।

शक होने पर परिजनों ने उसे जबरन घर ले जाकर बंद पड़े मकान का ताला खुलवाया। अंदर का नजारा देखकर सबकी रूह कांप गई। बिस्तर पर प्रियंका का कंकाल पड़ा हुआ था।

जांच में सामने आया है कि प्रियंका की मौत अक्टूबर 2025 में दशहरा के आसपास हुई थी। आरोपी पिता ने इस बात को रिश्तेदारों से पूरी तरह छिपा रखा और दिसंबर तक शव के साथ उसी घर में रहता रहा। जब पड़ोसियों को बदबू महसूस होने लगी तो उसने परफ्यूम का इस्तेमाल शुरू कर दिया।

25 दिसंबर के बाद वह घर छोड़कर देहरादून चला गया जहां वह रिक्शा चलाने लगा। इस दौरान रिश्तेदारों के फोन आने पर वह लगातार बेटी के इलाज का झूठा बहाना बनाता रहा।

पुलिस ने आरोपी उदय भानू विश्वास को हिरासत में ले लिया है। फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। शुरुआती जांच में तंत्र-मंत्र और तांत्रिक क्रियाओं का भी संदेह जताया जा रहा है, जिसकी पुलिस गहनता से पड़ताल कर रही है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है ताकि मौत का सही कारण और समय पता चल सके।