महिला आरक्षण अधिनियम लागू, संसद-विधानसभाओं में 33% सीटें महिलाओं को

केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण अधिनियम-2023 को लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए गुरुवार देर रात इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इससे संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को एक-तिहाई यानी 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस ऐतिहासिक विधेयक को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद कानून मंत्रालय ने देर रात नोटिफिकेशन जारी किया। इस अधिसूचना के साथ महिला सशक्तिकरण की दिशा में लंबे समय से चली आ रही मांग को मजबूती मिली है।

संसद में आज निर्णायक दिन

संसद के विशेष सत्र के दौरान लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों पर बहस का आज दूसरा दिन है। पहले दिन सदन में करीब 13 घंटे तक गहन चर्चा हुई, जो रात 1 बजे तक चली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इन विधेयकों पर कुल 15 घंटे की बहस का समय तय किया था।आज दोपहर 3 बजे कांग्रेस नेता राहुल गांधी सदन में अपना वक्तव्य रखेंगे, जबकि शाम 4 बजे इन प्रस्तावों पर मतदान होने की संभावना है। गृह मंत्री अमित शाह सरकार की ओर से जवाब देंगे।

विपक्ष का विरोध

चर्चा के दौरान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, गौरव गोगोई और के.सी. वेणुगोपाल ने सरकार के प्रस्ताव का विरोध किया। प्रियंका गांधी ने चिंता जताते हुए कहा कि असम की तर्ज पर पूरे देश में सीटों के पुनर्गठन (परिसीमन) से राजनीतिक संतुलन बिगड़ सकता है।

पीएम मोदी का आश्वासन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगभग 35 मिनट के अपने भाषण में सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिसीमन प्रक्रिया में किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। पीएम मोदी ने इसे “मोदी की गारंटी” बताते हुए कहा कि सभी राज्यों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। साथ ही उन्होंने विपक्ष को इस ऐतिहासिक कदम का श्रेय लेने का न्यौता भी दिया।