भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन भारी गिरावट के साथ खुला। एशियाई बाजारों के अनिश्चित रुख और घरेलू मोर्चे पर कुछ नकारात्मक संकेतों के कारण प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।
सुबह के शुरुआती सत्र में ही निवेशकों की धारणा कमजोर पड़ने से दोनों सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज की गई। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 596 अंक टूटकर 77,067.83 के स्तर पर पहुंच गया। गुरुवार के बंद स्तर 77,664.00 की तुलना में यह करीब 596 अंकों की गिरावट थी।
इसी तरह निफ्टी-50 भी मनोवैज्ञानिक स्तर 24,100 को खोते हुए 153.90 अंकों की गिरावट के साथ 24,019.15 पर ट्रेड कर रहा था। बाजार में इस गिरावट के मुख्य कारणों में वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी शामिल है, जिससे निवेशकों के बीच चिंता बढ़ गई। इसके अलावा भारतीय रुपये पर बढ़ता दबाव और आईटी सेक्टर के शेयरों में देखी गई बिकवाली ने भी बाजार को नीचे खींचा। एशियाई बाजारों से मिले-जुले संकेतों ने भी बाजार को कोई स्पष्ट दिशा नहीं दी।
हालांकि, वैश्विक मोर्चे पर एक सकारात्मक खबर आई। लेबनान और इजरायल के बीच युद्धविराम की अवधि तीन सप्ताह और बढ़ा दी गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बैठक के बाद दोनों पक्षों ने इस पर सहमति जताई। लेकिन इस खबर का शुरुआती कारोबार में भारतीय शेयर बाजार पर कोई खास सकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा और बाजार लाल निशान में ही कारोबार करता रहा।