बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ का प्रभाव अब मध्य प्रदेश में भी महसूस किया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 5 नवंबर तक कई इलाकों में आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। जबलपुर, इंदौर, रीवा, शहडोल और नर्मदापुरम संभाग के जिलों में इसका असर सबसे अधिक रहने की संभावना है।
सोमवार को जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, कटनी, उमरिया, अनूपपुर, शहडोल, मैहर, सीधी और सिंगरौली सहित करीब 15 जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
रविवार को भी सिंगरौली, सीधी, रीवा, सतना, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट और आसपास के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी दर्ज की गई थी।
तूफान की वर्तमान स्थिति
तूफान ‘मुरासु’ पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में गंभीर चक्रवाती तूफान बन चुका है। यह चेन्नई से लगभग 260 किलोमीटर दूर है और उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके 2 नवंबर की मध्यरात्रि से 3 नवंबर की सुबह के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट (नेल्लोर और नरसापुर के बीच, ओंगोल के निकट) से टकराने की आशंका है। लैंडफॉल के समय हवा की गति 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है, जबकि झोंके 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।
3 से 5 नवंबर के दौरान पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश में भी 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में ज्यादातर आसमान बादलों से ढका रहेगा। कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है।