2027 चुनाव से पहले AAP को बड़ा झटका, तीन विधायकों ने छोड़ा दामन और भाजपा में शामिल

पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के तीन विधायकों ने सोमवार को दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय पहुंचकर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ले ली। इनमें अमृतसर नॉर्थ से कुंवर विजय प्रताप सिंह, समाना से पूर्व मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा और सनौर से हरमीत सिंह पठानमाजरा शामिल हैं।

तीनों नेताओं ने पिछले दो दिनों के अंदर AAP से नाता तोड़ लिया था। जौड़ामाजरा और पठानमाजरा ने एक नवंबर को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। अगले दिन कुंवर विजय प्रताप सिंह ने पंजाब विधानसभा की अपनी सदस्यता से भी इस्तीफा सौंप दिया। पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर को इससे पहले जून 2025 में पार्टी ने पांच साल के लिए निलंबित कर रखा था।

भाजपा मुख्यालय में शामिल होने के मौके पर पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों, पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं पंजाब प्रभारी सतीश पूनिया समेत अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

सरकार पर तीखे आरोप

शामिल होने के बाद कुंवर विजय प्रताप सिंह ने AAP सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब में फिरौती वसूली एक नियमित उद्योग का रूप ले चुकी है। राज्य में गैंगस्टरवाद और नशे की समस्या चरम पर है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था और अर्थव्यवस्था को भी कर्ज के बोझ तले चरमराया हुआ बताया। उन्होंने AAP में बिताए समय को ‘पांच साल की इंटर्नशिप’ करार दिया, जो अब समाप्त हो गई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पंजाब को फिर से समृद्ध और सुरक्षित बनाने का भरोसा जताया।

जौड़ामाजरा और पठानमाजरा ने भी पार्टी पर 2022 के चुनावी वादे पूरे न करने, नशे की समस्या और शासन संबंधी मुद्दों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।

AAP द्वारा आगामी चुनाव के लिए 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करने के तुरंत बाद हुई है। दोनों विधायकों की सीटें उस सूची में शामिल नहीं थीं, जिससे पार्टी के अंदर असंतोष उभरकर सामने आया। AAP की ओर से भाजपा पर ऐसे नेताओं को पार्टी में शामिल करने का आरोप लगाया गया है, जिन पर गंभीर आरोप लगे हुए हैं। पार्टी का कहना है कि वह खुद भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करती रही है।