देव दीपावली की अभूतपूर्व तैयारी: वाराणसी के 80 घाटों पर जलेंगे 15 लाख दीये

वाराणसी, उत्तर प्रदेश: धर्म और आस्था की नगरी काशी (वाराणसी) इस वर्ष की देव दीपावली के लिए अभूतपूर्व उत्साह के साथ तैयार है। 5 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाए जाने वाले इस महापर्व को ‘देवताओं की दीपावली’ कहा जाता है, जिसके साक्षी बनने के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहाँ पहुँच रहे हैं।

इस वर्ष, उत्सव को भव्यता की नई ऊँचाई पर ले जाने के लिए व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं। गंगा नदी के किनारे फैले 80 से अधिक घाटों पर एक साथ 15 लाख से भी अधिक मिट्टी के दीये जलाए जाने की तैयारी है। यह दृश्य शाम ढलते ही गंगा तट को एक स्वर्णिम आभा से भर देगा, जो अद्भुत और अलौकिक होगा। दीयों की जगमगाहट के साथ-साथ रंग-बिरंगी विद्युत झालरों से घाटों और प्रमुख मंदिरों को सजाया गया है।

पर्यटकों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया है। पूरे क्षेत्र में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं और यातायात के विशेष रूट तय किए गए हैं। शाम को मुख्य आकर्षणों में भव्य गंगा आरती, लेजर शो और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ शामिल होंगी, जो काशी की प्राचीन संस्कृति और धार्मिक महत्व को दर्शाएंगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि इस दिव्य आयोजन को देखने आने वाले हर पर्यटक के लिए यह अनुभव अविस्मरणीय बने।