कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने नेशनल हेराल्ड मामले में दिल्ली कोर्ट के हालिया फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य के खिलाफ दायर मनी लॉन्ड्रिंग आरोपपत्र पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया। खड़गे ने इसे राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित एक झूठा मामला करार देते हुए केंद्र की मोदी सरकार और भाजपा पर जोरदार प्रहार किया।
खड़गे का कहना है कि यह पूरा प्रकरण कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को बदनाम करने और उन्हें लगातार परेशान करने की साजिश का हिस्सा था। उन्होंने याद दिलाया कि नेशनल हेराल्ड अखबार की शुरुआत 1938 में स्वतंत्रता संग्राम के योद्धाओं ने की थी और आजादी की लड़ाई में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। फिर भी, भाजपा नीत सरकार ने इसे मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोपों से जोड़कर इस प्रतिष्ठित संस्थान की छवि खराब करने का प्रयास किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार विपक्षी दलों के नेताओं को दबाने के लिए ईडी जैसी एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। डर और दबाव की इस राजनीति से कई सरकारें बनाई गईं, जो लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है। कोर्ट के इस निर्णय से भाजपा की कथित साजिश पूरी तरह उजागर हो गई है और न्याय की जीत हुई है। खड़गे ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि अब प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए तथा भविष्य में ऐसे उत्पीड़न न करने का संकल्प लेना चाहिए।
इसी बीच, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी इस फैसले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने घोषणा की कि पार्टी पूरे देश में सड़कों पर उतरकर इस राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई का खुलासा करेगी। पिछले कई वर्षों से ईडी कांग्रेस को निशाना बना रही है, जिससे वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ हर कार्यकर्ता प्रभावित हुआ है। वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस पूरे भारत में अपनी एकजुटता दिखाएगी ताकि यह साबित हो सके कि केंद्र सरकार विपक्ष को कुचलने के लिए जांच एजेंसियों का व्यवस्थित दुरुपयोग कर रही है।