मकर संक्रांति से ठीक पहले मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने चाइनीज मांझे (खतरनाक सिंथेटिक पतंग की डोर) के खतरे को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि इस प्रतिबंधित मांझे से किसी की मौत होने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 106(1) के तहत गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज किया जाएगा। साथ ही, यदि कोई नाबालिग बच्चा इस मांझे का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके माता-पिता या अभिभावक कानूनी रूप से जिम्मेदार ठहराए जाएंगे।
यह फैसला हाईकोर्ट द्वारा 11 दिसंबर 2025 को स्वतः संज्ञान लेने के बाद हुई सुनवाई में आया है। अदालत ने प्रतिबंध के बावजूद लगातार हो रही जानलेवा घटनाओं को “दुर्भाग्यपूर्ण” बताते हुए सख्त प्रवर्तन पर जोर दिया।
हालिया हादसे और खतरे की गंभीरता
इंदौर में पिछले डेढ़ महीने में चाइनीज मांझे से दो बड़ी घटनाएं हुईं, जिनमें एक 16 वर्षीय किशोर और एक 45 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। ये हादसे बाइक सवारों के गले कटने से जुड़े थे। हाल ही में शहर के विभिन्न इलाकों में ऐसे कई मामले सामने आए, जिसमें लोगों और पक्षियों को गंभीर चोटें आईं। अदालत ने इन घटनाओं को देखते हुए कहा कि यह मांझा न केवल इंसानों, बल्कि पक्षियों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए बड़ा खतरा है।
चाइनीज मांझा कांच या धातु की परत चढ़ा हुआ सिंथेटिक धागा होता है, जो पारंपरिक सूती डोर से कहीं ज्यादा तेज और मजबूत होता है। यह आसानी से गला या शरीर काट सकता है।
कोर्ट के प्रमुख निर्देश
- प्रतिबंध का सख्त अमल: मांझे की निर्माण, बिक्री, भंडारण, खरीद और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध। उल्लंघन पर आपराधिक कार्रवाई।
- 14 जिलों में निगरानी: इंदौर के साथ उज्जैन, देवास, धार, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, मंदसौर, नीमच, रतलाम, शाजापुर और राजगढ़ जिलों के कलेक्टरों और पुलिस प्रमुखों को सख्ती बरतने के आदेश।
- जागरूकता अभियान: सरकार ने कोर्ट को बताया कि टीवी, अखबारों और अन्य माध्यमों से बड़े पैमाने पर प्रचार किया जा रहा है। पुलिस और प्रशासन अवैध बिक्री पर छापेमारी कर रहे हैं।
- अगली सुनवाई: मामले की अगली सुनवाई 16 जनवरी 2026 को होगी, जहां इन जिलों से कार्ययोजना रिपोर्ट मांगी गई है।
सुनवाई के दौरान इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा भी मौजूद रहे और उन्होंने कोर्ट को आश्वासन दिया कि प्रशासन तुरंत आवश्यक आदेश जारी करेगा और पड़ोसी जिलों में भी इसे लागू किया जाएगा।
जनता से अपील
मकर संक्रांति (14 जनवरी) जैसे त्योहार पर पतंगबाजी का आनंद लें, लेकिन केवल सुरक्षित सूती या पारंपरिक डोर का इस्तेमाल करें। चाइनीज मांझा न खरीदें, न बेचें और न इस्तेमाल करें, यह न सिर्फ कानून का उल्लंघन है, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकता है।