मनरेगा की जगह नया VB-G Ram G कानून लाने के बाद, अब केंद्र सरकार यूपीए शासन के दौरान बने दो और ऐतिहासिक कानूनों शिक्षा का अधिकार (RTE) और खाद्य सुरक्षा कानून (NFSA) में आमूलचूल परिवर्तन करने जा रही है। सरकार का लक्ष्य इन योजनाओं में मौजूद कमियों को दूर कर यह सुनिश्चित करना है कि लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
सुधार की जरूरत क्यों?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशानुसार, सरकार ने पाया कि किसी सुविधा को केवल ‘कानूनी अधिकार’ बना देना काफी नहीं है, उसे धरातल पर उतारना असली चुनौती है। परामर्श प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, मनमोहन सिंह सरकार के समय बने इन कानूनों में तीन बड़ी कमियां थीं, जिसके कारण न तो हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिली और न ही हर परिवार को खाद्य सुरक्षा।
सरकार की नई रणनीति: ‘पंच-सूत्र’ मॉडल
सरकार अब शिक्षा, भोजन, रोजगार, स्वास्थ्य और आवास इन पांच क्षेत्रों में तीन मुख्य बदलावों पर ध्यान केंद्रित कर रही है:
- समय-सीमा आधारित लक्ष्य: पूरी कवरेज के लिए डेडलाइन तय की जाएगी।
- डिजिटल मॉनिटरिंग: अमल के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और रियल-टाइम निगरानी का उपयोग होगा।
- 100% रजिस्ट्रेशन: लाभार्थियों की पहचान के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान चलाकर हर पात्र व्यक्ति का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
कानूनी बदलाव की संभावना
सरकार सबसे पहले नियमों और प्रशासनिक आदेशों के जरिए सुधार की कोशिश करेगी। यदि इनसे अपेक्षित परिणाम नहीं मिले, तो संसद में नए विधेयक (Bill) पेश किए जा सकते हैं। इसके साथ ही, सरकार ‘आवास के अधिकार’ को भी कानूनी अधिकार बनाने पर विचार कर रही है।
विवादों के बीच VB-G Ram G बना कानून
हाल ही में संपन्न शीतकालीन सत्र में मनरेगा की जगह ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी VB-G Ram G बिल पास हुआ था। दिसंबर 2025 में राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद अब यह कानून बन चुका है। विपक्षी दलों ने इस कानून से ‘महात्मा गांधी’ का नाम हटाए जाने का कड़ा विरोध किया है, लेकिन सरकार इसे रोजगार की नई और बेहतर गारंटी बता रही है।
एक नजर में वर्तमान कानून:
- खाद्य सुरक्षा कानून 2006: सुरक्षित और स्वच्छ भोजन सुनिश्चित करना। इसके तहत FSSAI का गठन हुआ। उल्लंघन पर 10 लाख तक जुर्माना या जेल का प्रावधान है।
- शिक्षा का अधिकार 2009: 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए अनिवार्य शिक्षा (अनुच्छेद 21A)। यह केवल स्कूलों पर लागू है, कॉलेजों पर नहीं।