हरिद्वार के घाटों पर ‘रील’ बनाने पर लगा पूर्ण प्रतिबंध; उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई

विश्व प्रसिद्ध तीर्थ नगरी हरिद्वार के पवित्र घाटों की मर्यादा बनाए रखने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया है। श्रीगंगा सभा ने हरिद्वार के सभी प्रमुख घाटों और धार्मिक स्थलों पर रील्स बनाने और फिल्मी गानों पर वीडियो शूट करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। सभा ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अब सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

धार्मिक भावनाओं और मर्यादा का हवाला

तीर्थ पुरोहितों और श्रीगंगा सभा का मानना है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले कई वीडियो से न केवल पवित्र स्थानों की गरिमा कम होती है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं भी आहत होती हैं। श्रीगंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में कई ऐसे वीडियो सामने आए हैं जो अशांति फैलाने और माहौल बिगाड़ने की मंशा से बनाए गए थे। इन वीडियो की जानकारी पहले ही पुलिस प्रशासन को दी जा चुकी है।

फिल्मी गानों और अभद्र रील पर सख्त मनाही

श्रीगंगा सभा की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, घाटों पर किसी भी प्रकार के फिल्मी गानों पर डांस करना, रील बनाना या फिल्म की शूटिंग करना पूरी तरह वर्जित है। सभा ने जोर देकर कहा कि हरिद्वार एक साधना और आस्था का केंद्र है, इसे मनोरंजन का साधन नहीं बनाया जा सकता। घाटों पर मर्यादा सुनिश्चित करने के लिए श्रीगंगा सभा के पदाधिकारी और स्थानीय पुलिस अब कड़ी निगरानी रखेंगे।

प्रशासनिक तालमेल और भविष्य की योजना

वर्तमान में श्रीगंगा सभा और पुलिस प्रशासन के बीच इन धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर निरंतर मंथन चल रहा है। श्रीगंगा सभा ने चेतावनी दी है कि जो लोग सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो वायरल करेंगे, उनके खिलाफ पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। तीर्थ पुरोहितों ने पर्यटकों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे गंगा घाट की पवित्रता का सम्मान करें और यहाँ केवल धार्मिक दृष्टिकोण से ही आएं।