छत्तीसगढ़ में आयकर छापा: कोल कारोबारियों के ठिकानों पर दबिश

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में आयकर विभाग ने कोयला से जुड़े कारोबारियों के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। यह कार्रवाई टैक्स चोरी और वित्तीय अनियमितताओं की आशंका के आधार पर की गई है।

बिलासपुर में आयकर विभाग की टीम ने फिल ग्रुप के मालिक प्रवीण झा से जुड़े विभिन्न स्थानों पर दबिश दी। इसमें फैक्ट्री, श्रीकांत वर्मा मार्ग स्थित कार्यालय और रामा वर्ल्ड स्थित आवास शामिल हैं। टीम ने सर्वे/इंस्पेक्शन रिपोर्ट (SIR) के नाम से कार्रवाई शुरू की और दस्तावेजों, लेन-देन रिकॉर्ड तथा वित्तीय खातों की गहन जांच की जा रही है।

प्रारंभिक जांच में कोल वॉशरी में बड़े स्तर पर कोयला मिक्सिंग और टैक्स में हेराफेरी के संकेत मिले हैं। कारोबारियों पर आय की तुलना में कम टैक्स जमा करने का आरोप है। विभाग के अधिकारी फिलहाल कोई आधिकारिक टिप्पणी करने से बच रहे हैं, लेकिन सूत्रों के अनुसार रिकॉर्ड में कई खामियां और टैक्स चोरी के प्रमाण सामने आए हैं।

उल्लेखनीय है कि करीब दो महीने पहले दिसंबर में राज्य जीएसटी विभाग ने बिलासपुर में इसी क्षेत्र के तीन प्रमुख कोल कारोबारियों के ठिकानों पर छापे मारे थे। उस दौरान महावीर कोल वॉशरी ने 10 करोड़, फिल ग्रुप ने 11 करोड़ और पारस कोल वॉशरी ने 6.5 करोड़ रुपये सरेंडर किए थे, कुल 27.5 करोड़ रुपये की राशि जमा हुई थी। माना जा रहा है कि जीएसटी जांच से प्राप्त इनपुट्स के आधार पर अब आयकर विभाग ने यह कार्रवाई की है।

इसी बीच जांजगीर-चांपा जिले में भी आयकर टीम ने सक्रियता दिखाई है। टीम ने तिरुपति मिनरल्स के कार्यालय में छापा मारा, जो चांपा-बिर्रा रोड पर स्थित है। इस फर्म के प्रोप्राइटर अंशुमान मुरारका कोयला व्यापार से जुड़े हैं। सुबह से ही टीम कार्यालय में मौजूद है और दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन तथा आय-व्यय खातों की बारीकी से जांच कर रही है।