समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव का बुधवार सुबह लखनऊ में निधन हो गया। वे मात्र 38 वर्ष के थे। प्रतीक, स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव और उनकी दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के छोटे पुत्र थे।
सूत्रों के अनुसार, प्रतीक की तबीयत अचानक बिगड़ने पर उन्हें सुबह करीब 5:55 बजे लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें ब्रॉट डेड घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि जब वे पहुंचे, तब उनकी नब्ज बंद थी और हृदय गति रुक चुकी थी। शव को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी भेजा गया है, जहां पोस्टमॉर्टम चल रहा है। मौत का सही कारण अभी स्पष्ट नहीं है।
प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव भाजपा की नेता हैं और उत्तर प्रदेश महिला आयोग की पूर्व उपाध्यक्ष रह चुकी हैं। घटना के समय अपर्णा असम में थीं और खबर मिलते ही लखनऊ के लिए रवाना हो गईं। अखिलेश यादव भी पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे।
प्रतीक यादव का परिचय
प्रतीक यादव राजनीति से दूर रहे और मुख्य रूप से फिटनेस तथा रियल एस्टेट के क्षेत्र में सक्रिय थे। उन्होंने जिम संचालित किए और जीव आश्रय संगठन के जरिए आवारा कुत्तों की देखभाल भी करते थे। 2011 में अपर्णा यादव से उनकी शादी सैफई में हुई थी, जो उस समय काफी चर्चित रही।
हालांकि, हाल के महीनों में पत्नी अपर्णा से पारिवारिक विवाद की कुछ खबरें सामने आई थीं, लेकिन वे परिवार के साथ ही रह रहे थे। सूत्र बताते हैं कि वे कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे, जिनमें फेफड़ों की संक्रमण और तनाव का जिक्र है।
अखिलेश यादव का बयान
अखिलेश यादव ने भाई के निधन पर शोक जताते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “श्री प्रतीक यादव जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।” उन्होंने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारण की पुष्टि हो सकेगी। इस घटना से यादव परिवार सहित राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। विभिन्न दलों के नेताओं ने संवेदना व्यक्त की है।