“जब तक भगवान ने लिखा है, खेलूंगा”: जसप्रीत बुमराह ने आलोचकों को दिया करारा जवाब

भारत और इंग्लैंड के बीच चल रहे तीसरे टेस्ट के तीसरे दिन के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह ने अपनी फिटनेस और करियर को लेकर उठ रहे सवालों पर तीखा जवाब दिया। बुमराह ने साफ शब्दों में कहा, “जब तक भगवान ने लिखा है, तब तक खेलूंगा।” उनके इस बयान ने आलोचकों को स्पष्ट संदेश दे दिया कि वे अभी खत्म नहीं हुए हैं।

आलोचकों पर फटकार

पिछले कुछ समय से बुमराह की फिटनेस, चोट और करियर की लंबी उम्र को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे थे। बुमराह ने कहा कि उन्होंने मैदान पर हमेशा 100% देने की कोशिश की है और जो लोग बाहर बैठकर उनके करियर पर राय देते हैं, उन्हें सच्चाई नहीं पता। “लोग बोलते थे 6 महीने खेलोगे 8 महीने खेलोगे, देखते देखते इंटरनेशनल क्रिकेट में 10 साल हो गए, मुझे आईपीएल खेलते 12 से 13 साल हो गए। इसलिए मैं लोगों के नहीं अपने हिसाब से खेलता हूं।

चोट के बाद वापसी पर खुलकर बात

बुमराह ने स्वीकार किया कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी टेस्ट के दौरान उन्हें पीठ में खिंचाव हुआ था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने सीरीज़ में शानदार प्रदर्शन किया और प्लेयर ऑफ द सीरीज़ बने। उन्होंने कहा कि उनका ध्यान अब फिटनेस बनाए रखने और लंबे समय तक खेल में बने रहने पर है।

प्रदर्शन ही असली जवाब

प्रेस कॉन्फ्रेंस में बुमराह ने कहा कि उनका प्रदर्शन ही आलोचकों को जवाब देने के लिए काफी है। इंग्लैंड के खिलाफ लीड्स टेस्ट में भी उन्होंने शानदार गेंदबाज़ी की, भले ही कई कैच छूटे हों। उन्होंने शांत रहते हुए अपने अनुभव से टीम को प्रेरित किया। उन्होंने हर फॉर्मेट में अबतक अपनी लगन से जगह बनाई है। इसलिए उनका प्रदर्शन ही असली जवाब है।

बुमराह ने किया खुद को साबित

जसप्रीत बुमराह ने यह साबित कर दिया है कि वह न सिर्फ एक तेज़ गेंदबाज़ हैं, बल्कि एक परिपक्व खिलाड़ी भी हैं जो अपने शरीर और करियर को लेकर सजग हैं। इस टेस्ट मैच में उन्होंने कमाल को गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट लिए और आलोचकों को करारा जवाब देकर उन्होंने साफ कर दिया है कि वह अभी लंबे समय तक भारतीय टीम की ताकत बने रहेंगे।