Gold Crown For Khajrana Ganesh: इंदौर के खजराना गणेश अब नए अवतार में नज़र आएंगे। इनके लिए सोने का नया मुकुट तैयार किया जाएगा। इसके पहले इन्हें 3 किलो चांदी से बने मुकुट को पहना कर देखा जाएगा। डिजाइन सही होने पर इसी साइज का सोने का मुकुट तैयार किया जाएगा।
इंदौर के खजराना के गणेश मंदिर में विराजित भगवान गणेश को अब नए स्वर्ण आभूषणों से सजाया जाएगा। मंदिर प्रशासन ने निर्णय लिया है कि भगवान गणेश, रिद्धि-सिद्धि और शुभ-लाभ की प्रतिमाओं पर वर्तमान में उपयोग हो रहे लगभग 7 किलो सोने के पुराने आभूषणों को गलाकर नई डिजाइन में भव्य रूप से ढाला जाएगा। यह श्रृंगार कार्य गणेश चतुर्थी से पूर्व पूर्ण कर लिया जाएगा, ताकि इस पर्व पर भगवान गणेश को नए आभूषणों से अलंकृत किया जा सके।
दो चरणों में होगा निर्माण
मंदिर के प्रमुख पुजारी पं. अशोक भट्ट ने बताया कि आभूषण निर्माण कार्य दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में चांदी से नए आभूषणों का मॉडल तैयार किया जाएगा, जिससे सभी डिजाइन और माप की पुष्टि की जा सके। इसके बाद उन्हीं मॉडल्स के आधार पर सोने के आभूषण तैयार किए जाएंगे। चांदी के मॉडल तैयार करने में लगभग एक माह का समय लगेगा।
पुराने आभूषणों में आई क्षति
भगवान गणेश के एक पुराने सोने के मुकुट में दरार आ गई थी, जिसके चलते नया मुकुट बनाने का निर्णय पहले ही लिया गया था। इस कार्य के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक विशेष समिति का गठन भी किया गया है। समिति ने बुधवार को कलेक्टर ऑफिस स्थित जिला कोषालय में रखे गए पुराने स्वर्ण आभूषणों का निरीक्षण किया और नए आभूषण निर्माण की रूपरेखा तैयार की।
शामिल होंगे यह नए आभूषण
पं. भट्ट के अनुसार, भगवान गणेश के दो मुकुट, रिद्धि-सिद्धि के दो मुकुट और एक चंद्रिका, शुभ-लाभ के दो मुकुट और कुछ सोने के सिक्के वर्तमान में मौजूद हैं। इन्हें गलाकर नए और ज़्यादा आकर्षक रूप में ढाला जाएगा। सबसे पहले भगवान गणेश के लिए नया मुकुट और चंद्रिका बनाई जाएगी। करीब 6-7 किलो सोने से यह पूरा कार्य संपन्न होगा।
सुरक्षा और पारदर्शिता का विशेष ध्यान
नए आभूषणों को इंदौर के ही एक प्रतिष्ठित ज्वेलर से तैयार कराया जाएगा। पूरी प्रक्रिया की निगरानी समिति के सदस्य और मंदिर ट्रस्ट के प्रतिनिधि करेंगे, ताकि कार्य पूर्ण पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ संपन्न हो।
लाखों भक्तों की आस्था का केंद्र
खजराना गणेश मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। रोजाना हजारों भक्त भगवान गणेश के दर्शन के लिए यहां आते हैं। गणेश चतुर्थी, तिल चतुर्थी और नए साल के अवसरों पर यहां विशेष भीड़ उमड़ती है। विशेषकर बुधवार और रविवार को मंदिर में भक्तों की संख्या सबसे अधिक रहती है।
गणेश चतुर्थी तक कार्य पूरा करने का है लक्ष्य
समिति का प्रयास है कि ये पूरा काम गणेश चतुर्थी तक पूरा हो जाए ताकि इस शुभ अवसर पर भगवान गणेश को नए भव्य स्वर्ण आभूषण पहनाए जा सकें। इससे भक्तों की आस्था को एक नया आयाम मिलेगा और मंदिर की शोभा भी और अधिक बढ़ेगी।