Women’s T20 World Cup: भारतीय महिला टीम का इंग्लैंड से पांच मैचों की T20 सीरीज में सामना हो रहा है। हरमनप्रीत कौर की गैरमौजूदगी में भारत ने इंग्लैंड को पहले T20 मैच में 97 रनों से हराया था। अब टीम की नजर दूसरे मुकाबले में जीत दर्ज कर सीरीज में 2-0 की बढ़त हासिल करने पर होगी। ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड, में आज दूसरा मुकाबला भारतीय समयानुसार रात 11 बजे से खेला जाएगा, जिसमें हरमनप्रीत की वापसी की उम्मीद है। पहले मुकाबले में उनकी जगह स्मृति मंधाना ने टीम की कमान संभाली थी।
नॉटिंघम में खेले गए पहले T20 अंतरराष्ट्रीय मैच में मंधाना के इस प्रारूप में पहले शतक की बदौलत भारत ने 97 रन से बड़ी जीत दर्ज की थी। दूसरे मैच में हरमनप्रीत की वापसी से जहां भारतीय टीम को मजबूती मिलेगी वहीं इंग्लैंड की टीम की चिंताएं बढ़ेंगी। हरमनप्रीत को अभ्यास मैच के दौरान सिर में चोट लगने के बाद एहतियात के तौर पर पहले मैच में आराम दिया गया था। पिछले साल T20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाली बाएं हाथ की बल्लेबाज मंधाना ने जहां से छोड़ा था, वहीं से शुरुआत की और इंग्लैंड के सभी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाईं। भारतीय खिलाड़ियों को बेंगलुरुमें लंबे शिविर के बाद इंग्लैंड में जल्दी पहुंचने और कुछ अभ्यास मैचों में खेलने से लय हासिल करने में मदद मिली और पहले मैच में उसने खेल के हर विभाग में अच्छा प्रदर्शन किया। भारतीय टीम अपनी प्रमुख तेज गेंदबाजों रेणुका सिंह ठाकुर और पूजा वस्त्राकर के चोटिल होने के बावजूद बेहतर टीम नजर आ रही थी। हरलीन देओल को तीसरे नंबर पर उतारने का फैसला भी सही साबित हुआ क्योंकि उन्होंने मंधाना के साथ दूसरे विकेट के लिए 94 रन की साझेदारी कर बड़े स्कोर की नींव रखी। यह सीरीज निश्चित रूप से भारत की युवा खिलाड़ियों को अगले साल इंग्लैंड में होने वाले T20 विश्व कप के लिए अपनी तैयारियों का जायजा लेने में मदद करेगी। खेल के सबसे छोटे प्रारूप में हालांकि समीकरण बदलने में देर नहीं लगती और इसलिए भारतीय टीम को सतर्क रहना होगा क्योंकि इंग्लैंड की टीम वापसी करने के लिए बेताब होगी।
पहले टी-20 में भारत की गेंदबाजी के आगे पस्त हुई इंग्लैंड की टीम
मंधाना के स्ट्रोक्स से भरे शतक ने इंग्लैंड के खेमे में खतरे की घंटी बजा दी होगी, क्योंकि 211 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए उनकी टीम बुरी तरह बिखर गई और 113 रन पर ढेर हो गई। यह वह दिन था जब मंधाना की पारी ने मेजबान टीम को जबरदस्त दबाव में ला दिया, जिसका बाद में भारतीय गेंदबाजों ने पूरा फायदा उठाया। भारत के स्पिन आक्रमण के सामने इंग्लैंड की बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। उसके बल्लेबाजों के पास भारतीय स्पिनरों विशेषकर बाएं हाथ के स्पिनर श्री चरणी का कोई जवाब नहीं था जिन्होंने अपने पहले T20 अंतरराष्ट्रीय मैच में चार विकेट लिए।