नमीबिया में पीएम मोदी: भारत-नमीबिया संबंधों को मिलेगी नई दिशा, यूरेनियम और तेल-गैस पर भारत की नजर

PM visit to Namibia: आज सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नमीबिया की राजधानी विंडहोक पहुंचे, जहाँ उनका भव्य स्वागत किया गया। यह प्रधानमंत्री मोदी की नमीबिया की पहली यात्रा है, और कुल मिलाकर किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यह तीसरा नमीबिया दौरा है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते कूटनीतिक संबंधों को दर्शाता है।

पीएम मोदी का भव्य स्वागत और व्यस्त कार्यक्रम

होशिया कुटाको इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री मोदी का औपचारिक स्वागत किया गया। इस यात्रा के दौरान उनका कार्यक्रम काफी व्यस्त है। वे नमीबिया की राष्ट्रपति नांदी-नदैत्वाह के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। इसके अतिरिक्त, पीएम मोदी नमीबिया के पहले राष्ट्रपति और राष्ट्रपिता, दिवंगत डॉ. सैम नुजोमा को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। उनका एक और महत्वपूर्ण कार्यक्रम नमीबिया की संसद को संबोधित करना है, जहाँ वे भारत और नमीबिया के साझा हितों पर प्रकाश डाल सकते हैं।

यूरेनियम और खनिज सहयोग पर भारत की नज़र

विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत और नमीबिया के गहरे और ऐतिहासिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करेगी। नमीबिया में भारत के उच्चायुक्त राहुल श्रीवास्तव ने इस दौरे के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भारत, नमीबिया से यूरेनियम आयात करने पर विचार कर रहा है। यूरेनियम भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण खनिज है। इसके अलावा, नमीबिया में हाल ही में हुई तेल और गैस की खोज में भी भारत सरकार की गहरी रुचि है। उच्चायुक्त ने यह भी बताया कि भारत की नजर नमीबिया के अन्य महत्वपूर्ण खनिजों पर भी है, जो दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को बढ़ावा दे सकते हैं। भारत और नमीबिया के बीच ऐतिहासिक रूप से अच्छे संबंध रहे हैं, और यह दौरा इन संबंधों को और मजबूत करेगा।

ब्राजील यात्रा के बाद नमीबिया पहुंचे पीएम मोदी

नमीबिया पहुंचने से पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने ब्राजील का दो दिवसीय सफल सरकारी दौरा पूरा किया। ब्राजील में, उन्होंने 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लिया, जहाँ उन्होंने विभिन्न वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की। ब्राजील यात्रा के दौरान, पीएम मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी की। ब्राजील के बाद नमीबिया की यह यात्रा भारत की “एक्ट अफ्रीका” नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो अफ्रीकी देशों के साथ संबंधों को गहरा करने पर केंद्रित है।