Misuse of government housing in Bhopal: राजधानी में हाउसिंग फॉर ऑल (HFA) सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत आवंटित मकानों के गलत उपयोग पर अब सख्त कार्रवाई की तैयारी है। हाल ही में किए गए सर्वे के बाद, उन हितग्राहियों के खिलाफ कदम उठाए जाएंगे जिन्होंने अपने आवंटित मकान बेच दिए हैं या उन्हें किराए पर दे रखा है। ऐसे मामलों में आवंटन रद्द करने के साथ-साथ, किराए पर दिए गए मकानों के किराएदारों का पहले चरण में पुलिस वेरिफिकेशन कराया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इन आवासों की आड़ में कोई आपराधिक तत्व न पनप सकें।
क्यों हो रहा है यह सर्वे?
यह कार्रवाई हाल ही में ईदगाह मल्टी में एक बच्ची की हत्या के बाद शुरू की गई है। इस घटना ने सरकारी आवासों के दुरुपयोग और सुरक्षा चिंताओं को उजागर किया था। इसके बाद, शहर के श्याम नगर, अर्जुन नगर फेज-1, फेज-2, गंगा नगर, अंबेडकर नगर, राहुल नगर और मद्रासी कॉलोनी में बने आवासों का व्यापक सर्वे किया गया। इन क्षेत्रों में कुल 4,866 आवास बने हैं, जिनमें से 3,297 में लोग रह रहे हैं। सर्वे में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि लगभग 15 प्रतिशत (499 फ्लैट) किराए पर दिए गए हैं, जबकि 209 फ्लैट हितग्राहियों द्वारा बेच दिए गए हैं।
आगे क्या होगा?
नगर निगम की टीम, जिला प्रशासन के साथ मिलकर, इस सर्वे को आगे बढ़ा रही है। शुरुआत दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से की गई है। इस कार्य के लिए छह सदस्यीय टीम का गठन किया गया है, जिसमें नायब तहसीलदार, पटवारी के अलावा नगर निगम से राजस्व और स्वच्छता अमले के लोग शामिल हैं। सुरक्षा के लिए पुलिस बल भी टीम के साथ रहेगा।
हाउसिंग फॉर ऑल के प्रभारी एसई उदित गर्ग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी फ्लैट में किराएदार या हितग्राही के रिश्तेदार रहते पाए जाते हैं, या यदि फ्लैट का उपयोग ही नहीं किया जा रहा है, तो प्रशासन उस आवंटन को निरस्त कर सकता है। इतना ही नहीं, आवंटी के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। यह कदम सरकारी योजनाओं के तहत गरीबों को मिलने वाले आवासों के वास्तविक उपयोग को सुनिश्चित करने और उनमें होने वाले किसी भी अनधिकृत या आपराधिक गतिविधि को रोकने के लिए उठाया जा रहा है।