Indore-Ujjain Metro project gets green signal: इंदौर और उज्जैन के निवासियों के लिए एक बड़ी खबर है, दोनों शहरों के बीच मेट्रो चलाने की योजना ने तेजी पकड़ ली है. दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) की टीम ने दोनों शहरों को जोड़ने वाले इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) पेश कर दी है, जिसकी अनुमानित लागत 10,000 करोड़ रुपये है।
महाकाल दर्शन होगा और भी आसान
यह परियोजना इंदौर के लवकुश चौराहे से शुरू होकर उज्जैन रेलवे स्टेशन तक 45 किलोमीटर का ट्रैक कवर करेगी। इस पूरे रूट पर 11 स्टेशन बनाए जाएंगे। रिपोर्ट के अनुसार, उज्जैन शहर में 4.5 किलोमीटर का हिस्सा अंडरग्राउंड होगा, जिससे शहरी विकास और यातायात सुचारू बना रहेगा। इस प्रोजेक्ट का मुख्य लक्ष्य 2028 में होने वाले महाकुंभ से पहले इसे पूरा करना है, जैसा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी अपनी मंशा जाहिर की थी।
समय और दूरी में होगी भारी बचत
डीपीआर के मुताबिक, मेट्रो का सफर करीब 45 मिनट में पूरा हो जाएगा, जिससे इंदौर और उज्जैन के बीच की दूरी लगभग आधी हो जाएगी. अभी सड़क मार्ग से यह सफर तय करने में लगभग दो घंटे लगते हैं. इस नई सुविधा से यात्रियों को न केवल समय की बचत होगी, बल्कि बाबा महाकाल के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी यात्रा आरामदायक और सुविधाजनक हो जाएगी.
प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन
प्रस्तावित मेट्रो रूट पर भौंरासला, बारोली, धरमपुरी, तराना, सांवेर, पंथ पिपलई, निनोरा, त्रिवेणी घाट, नानाखेड़ा, उज्जैन आईएसबीटी और उज्जैन रेलवे स्टेशन जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे। उज्जैन में कुछ स्टेशनों को अंडरग्राउंड बनाने का प्रस्ताव है, हालांकि उनकी जगह अभी तय नहीं हुई है। डीएमआरसी और दोनों शहरों के जिला प्रशासन के बीच शुरुआती बातचीत हो चुकी है और उम्मीद है कि इस प्रस्ताव को एक से दो सप्ताह में अंतिम रूप दे दिया जाएगा।