मध्य प्रदेश सरकार ने साल 2027 में होने वाली जनगणना की तैयारियां शुरू कर दी हैं. यह जनगणना 2021 में कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित कर दी गई थी. इस महत्वपूर्ण कार्य को पूरा करने के लिए राज्य में दो चरणों में काम किया जाएगा. सरकार ने एक उच्च-स्तरीय कमेटी का गठन भी किया है, जिसका उद्देश्य जनगणना प्रक्रिया को सुचारू और प्रभावी बनाना है.
जनगणना के लिए राज्य-स्तरीय समिति का गठन
जनगणना के सफल संचालन के लिए, मध्य प्रदेश सरकार ने एक राज्य-स्तरीय समिति का गठन किया है. इस समिति में छह अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS), तीन प्रमुख सचिव (PS) और 15 अन्य अधिकारी शामिल हैं. मुख्य सचिव को इस समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. यह समिति जनगणना से संबंधित सभी तैयारियों की देखरेख करेगी और अपनी रिपोर्ट 30 दिनों के भीतर सौंपेगी.
दो चरणों में होगी जनगणना
राज्य में जनगणना का कार्य दो चरणों में पूरा होगा. पहले चरण की शुरुआत 2026 में होगी, जिसमें राज्य के सभी मकानों और घरों से संबंधित जानकारी जुटाई जाएगी. इसके बाद, दूसरा चरण शुरू होगा, जिसमें 20 दिनों के भीतर पूरी जनगणना रिपोर्ट तैयार की जाएगी.
जनगणना कार्य में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों को इस प्रक्रिया का गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा. इस संबंध में, मास्टर ट्रेनर्स और फील्ड ट्रेनर्स को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे जनगणना के काम को कुशलतापूर्वक कर सकें. यह ट्रेनिंग 31 दिसंबर 2025 तक पूरी होने की उम्मीद है.
कोविड-19 महामारी के कारण 2021 में होने वाली नियमित जनगणना को टाल दिया गया था, जिसके बाद अब 2027 में इसे पूरा करने का निर्णय लिया गया है. यह जनगणना सरकार को राज्य की जनसंख्या, सामाजिक-आर्थिक स्थिति और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेगी, जो भविष्य की नीतियों और योजनाओं के लिए आवश्यक है.