भोपाल कोर्ट में बड़ा फैसला: अपहरण, रंगदारी और यौन शोषण मामले में पांचों आरोपी बरी

भोपाल | भोपाल की जिला एवं सत्र अदालत ने सोमवार को अपहरण, रंगदारी और यौन शोषण के बहुचर्चित मामले में सभी पांच आरोपियों को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में नाकाम रहा, इसलिए आरोपियों को संदेह का लाभ दिया गया।

अमित तिवारी समेत पांच आरोपी थे नामजद, चार साल से चल रहा था मामला

मामला 23 अप्रैल 2019 का है, जब टीटी नगर पुलिस ने शास्त्री नगर इलाके से पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया था। इनमें कथित सरगना अमित तिवारी और उसके साथी मोहसिन खान, हल्के उर्फ चतर सिंह, जावेद खान और इमरान खान शामिल थे। पुलिस ने इनके पास से नकदी और आभूषण भी बरामद किए थे।

शिकायतकर्ता ओमप्रकाश पटवा ने अपने भाई मुकेश पटवा की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में मुकेश और उनकी पत्नी ने थाने में बयान दिया कि मुकेश को यूनिक कॉलेज के पास से अमित और उसके साथियों ने अगवा किया और सोम्या फॉर्च्यून अपार्टमेंट में बंधक बनाकर रखा।

पत्नी ने आरोप लगाया कि अपहरणकर्ताओं ने जान से मारने की धमकी देकर सोने-चांदी के गहने और 50,000 रुपये नकद लिए। साथ ही उस पर यौन शोषण का भी आरोप लगाया गया। बाद में पति-पत्नी को एटीएम ले जाकर 40,000 रुपये की निकासी भी करवाई गई।

पुलिस का दावा था कि अमित तिवारी पीड़ित की पत्नी में दिलचस्पी रखता था और जब उसने उसकी कोशिशों को ठुकरा दिया, तो उसने अपने साथियों को इस अपराध में शामिल किया।

हालांकि, अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष सभी आरोपों को पुख्ता सबूतों के साथ साबित नहीं कर पाया। एडीजे पल्लवी द्विवेदी ने आदेश पारित करते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया।

लगभग चार साल पुराने इस मामले में अदालत का फैसला सामने आने के बाद अब सभी आरोपी मुक्त हो गए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोप गंभीर जरूर थे, लेकिन ठोस सबूत न होने की वजह से संदेह का लाभ देना पड़ा।