इंदौर (मध्यप्रदेश): छात्रों के आधार से जुड़ी सेवाओं को सरल बनाने के लिए अब स्कूल प्राचार्यों को सीधे UDISE+ पोर्टल पर बच्चों के Mandatory Biometric Update (MBU) की स्थिति देखने की सुविधा मिल गई है। यह कदम “Aadhaar for Students, Now at School Gate” अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य है कि छात्र समय पर अपनी बायोमेट्रिक अपडेट प्रक्रिया पूरी करें और किसी भी सरकारी लाभ से वंचित न रहें।
स्कूलों में कैंप और पोर्टल आधारित ट्रैकिंग
इंदौर ज़िले में सरकारी स्कूलों के भीतर ही विशेष आधार कैंप लगाए गए हैं, जिससे छात्रों को अब फिंगरप्रिंट, आईरिस स्कैन और फ़ोटोग्राफ जैसी जानकारी अपडेट करने के लिए बाहर के केंद्रों पर जाने की ज़रूरत नहीं है। हाल ही में हिह, खुड़ैल, पिगडंबर, महू, डकाचा, अज्नोद, धन्नाड़ और बेटमा के उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में यह कैंप आयोजित किए गए।
अब UDISE+ पोर्टल के ज़रिए प्राचार्य सीधे देख सकते हैं कि किन छात्रों का अपडेट अभी बाकी है। इसके आधार पर वे लक्षित आउटरीच कार्यक्रम चला सकते हैं और यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि कोई भी छात्र छात्रवृत्ति, प्रवेश परीक्षा, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) या अन्य योजनाओं से वंचित न रहे।
UIDAI के दिशा-निर्देश और छात्रों की जिम्मेदारी
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के नियमों के अनुसार:
- पहला अपडेट 5 साल की उम्र में अनिवार्य है (5–7 वर्ष की आयु तक निःशुल्क)।
- दूसरा अपडेट 15 साल की उम्र में अनिवार्य है (15–17 वर्ष की आयु तक निःशुल्क)।
- यदि यह अपडेट तय समयावधि के बाद किया जाता है, तो शुल्क देना होगा।
स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिए गए हैं कि वे छात्रों के अभिभावकों को इन दिशा-निर्देशों की जानकारी दें और उन्हें समय पर अपडेट करवाने के लिए प्रेरित करें।
यह पहल न केवल छात्रों और अभिभावकों को राहत देगी बल्कि सरकारी योजनाओं में आने वाली देरी और अड़चनों को भी कम करेगी। आधार अपडेट की यह “स्कूल गेट पर सुविधा” बच्चों के लिए शिक्षा से जुड़े लाभों तक पहुँच को अधिक आसान और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।